सैफई, इटावा। उत्तर प्रदेश आयुर्विज्ञान विश्वविद्यालय (यूपीयूएमएस), सैफई के प्रसूति एवं स्त्री रोग विभाग तथा ऑब्स्टेट्रिक्स एंड गायनेकोलॉजी सोसाइटी ऑफ इटावा के संयुक्त तत्वावधान में 22 अक्टूबर 2026 को सतत चिकित्सा शिक्षा (सीएमई) कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में प्रसूति एवं स्त्री रोग से जुड़े महत्वपूर्ण विषयों पर विशेषज्ञ व्याख्यान दिए गए। इसमें प्रसव के दौरान होने वाली जटिलताओं के प्रबंधन और किशोरियों एवं महिलाओं में एचपीवी टीकाकरण के महत्व पर विशेष रूप से चर्चा की गई।

कार्यक्रम का शुभारंभ उत्तर प्रदेश आयुर्विज्ञान विश्वविद्यालय के प्रसूति एवं स्त्री रोग विभाग की विभागाध्यक्ष प्रो. (डॉ.) कल्पना कुमारी के स्वागत संबोधन से हुआ। उन्होंने कार्यक्रम में शामिल विशेषज्ञों एवं प्रतिभागियों का स्वागत किया। साथ ही चिकित्सा क्षेत्र में नवीनतम जानकारियों के आदान-प्रदान और चिकित्सकों के कौशल को बेहतर बनाने में सतत चिकित्सा शिक्षा की भूमिका को महत्वपूर्ण बताया।
कार्यक्रम में आगरा के एसएन मेडिकल कॉलेज के प्रसूति एवं स्त्री रोग विभाग की पूर्व विभागाध्यक्ष प्रो. (डॉ.) सरोज सिंह ने विशेषज्ञ व्याख्यान प्रस्तुत किए। उन्होंने अपने पहले व्याख्यान में सिजेरियन सेक्शन (सीएस) के दौरान होने वाले प्रसवोत्तर रक्तस्राव (पीपीएच) की स्थिति और उसके प्रभावी प्रबंधन के विषय पर विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि प्रसव के दौरान या उसके बाद अत्यधिक रक्तस्राव एक गंभीर चिकित्सकीय स्थिति हो सकती है, जिसमें समय पर पहचान और उचित उपचार बेहद महत्वपूर्ण होते हैं।
विशेषज्ञ व्याख्यान में रक्तस्राव जैसी आपातकालीन स्थिति से निपटने के लिए चिकित्सकीय सतर्कता, त्वरित निर्णय और प्रभावी प्रबंधन के महत्व पर चर्चा की गई। इस विषय के माध्यम से प्रतिभागियों को प्रसूति संबंधी जटिलताओं के उपचार में नवीनतम चिकित्सकीय दृष्टिकोण समझने का अवसर मिला।
प्रो. (डॉ.) सरोज सिंह ने अपने दूसरे व्याख्यान में किशोरावस्था से वयस्कता तक एचपीवी टीकाकरण को बाल चिकित्सा एवं स्त्री रोग संबंधी देखभाल से जोड़ने के विषय पर जानकारी दी। उन्होंने एचपीवी टीकाकरण के महत्व और महिलाओं के स्वास्थ्य की सुरक्षा में इसकी भूमिका पर प्रकाश डाला। इस सत्र में किशोरियों एवं महिलाओं के स्वास्थ्य की देखभाल के दौरान टीकाकरण के प्रति जागरूकता बढ़ाने और इसे नियमित स्वास्थ्य सेवाओं के साथ समन्वित करने के महत्व पर चर्चा हुई।
कार्यक्रम के दौरान एक संवादात्मक प्रश्नोत्तर सत्र भी आयोजित किया गया। इसमें प्रतिभागियों ने विशेषज्ञों से विभिन्न चिकित्सकीय विषयों से जुड़े प्रश्न पूछे। विशेषज्ञों ने सवालों के उत्तर देकर उनकी जिज्ञासाओं का समाधान किया और संबंधित विषयों पर आवश्यक स्पष्टीकरण दिया। इस सत्र से प्रतिभागियों को अपने अनुभव साझा करने तथा चिकित्सा क्षेत्र की महत्वपूर्ण चुनौतियों को बेहतर ढंग से समझने का अवसर मिला।
कार्यक्रम का समापन प्रो. (डॉ.) नूपुर मित्तल द्वारा धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ। उन्होंने विशेषज्ञ वक्ताओं, आयोजकों और प्रतिभागियों के सहयोग के लिए आभार व्यक्त किया।
उत्तर प्रदेश आयुर्विज्ञान विश्वविद्यालय, सैफई के प्रसूति एवं स्त्री रोग विभाग तथा ऑब्स्टेट्रिक्स एंड गायनेकोलॉजी सोसाइटी ऑफ इटावा की संयुक्त पहल से आयोजित यह सीएमई कार्यक्रम चिकित्सकों के ज्ञानवर्धन और चिकित्सा सेवाओं की गुणवत्ता को बेहतर बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण रहा। कार्यक्रम में प्रसूति संबंधी आपात स्थितियों के प्रबंधन और एचपीवी टीकाकरण जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विशेषज्ञ जानकारी साझा की गई।
