बैठक की अध्यक्षता कर रहे एडिशनल कमिश्नर ग्रेड-1 एचपी राव दीक्षित ने व्यापारियों को उत्तर प्रदेश में लागू ब्याज माफी योजना-2026 के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि इस योजना का उद्देश्य पुराने कर बकायों से जुड़े मामलों का निस्तारण करना और पात्र व्यापारियों को ब्याज में छूट देकर राहत प्रदान करना है।
उन्होंने बताया कि योजना 16 अक्टूबर 2026 से शुरू हुई है और इसके अंतर्गत पात्र व्यापारी 16 जनवरी 2027 तक आवेदन कर सकेंगे। योजना में 31 दिसंबर 2025 तक के बकाया कर एवं ब्याज से संबंधित पात्र मामलों को शामिल किया गया है। निर्धारित शर्तों के अनुसार मूल बकाया कर जमा करने पर व्यापारियों को ब्याज में बड़ी छूट का लाभ मिल सकता है।
योजना के माध्यम से पुराने कर मामलों के निपटारे के साथ व्यापारियों को बकाया देनदारियों का समाधान करने का अवसर मिलेगा। अधिकारियों ने व्यापारियों से योजना की पात्रता, निर्धारित शर्तों और आवेदन प्रक्रिया की जानकारी लेकर समयसीमा के भीतर आवेदन करने की अपील की।
बैठक में अधिकारियों ने योजना के अंतर्गत अलग-अलग श्रेणियों में मिलने वाली ब्याज छूट के बारे में जानकारी दी। बताया गया कि पात्र मामलों में मूल बकाया राशि के आधार पर छूट का प्रावधान निर्धारित किया गया है।
- इसके अतिरिक्त, केवल बकाया जमा नहीं करने के कारण लगाए गए अर्थदंड से संबंधित पात्र मामलों में भी 100 प्रतिशत छूट का प्रावधान बताया गया। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि योजना का लाभ संबंधित कानूनों, पात्रता और निर्धारित शर्तों के अधीन मिलेगा।
इस योजना से पुराने कर मामलों में फंसे व्यापारियों को अपनी देनदारियों का निस्तारण करने का अवसर मिल सकता है। व्यापारियों के लिए यह आवश्यक होगा कि वे आवेदन करने से पहले अपने बकाये की सही गणना कर लें और योजना के अंतर्गत लागू शर्तों की जानकारी प्राप्त करें।
जीएसटी कमिश्नर श्री सुरेन्द्र मोहन सिंह ने व्यापारियों को आवेदन की प्रक्रिया के बारे में जानकारी देते हुए बताया कि योजना का लाभ लेने के लिए वाणिज्य कर विभाग की आधिकारिक वेबसाइट http://comtax.up.nic.in पर ऑनलाइन आवेदन किया जा सकता है।
उन्होंने बताया कि आवेदन के दौरान आवश्यक दस्तावेज अपलोड करने, बकाया राशि की गणना करने और निर्धारित धनराशि जमा करने की प्रक्रिया पूरी करनी होगी। भुगतान करते समय बकाये की सही गणना और योजना की शर्तों का पालन करना जरूरी है।
उन्होंने जानकारी दी कि सही गणना के आधार पर निर्धारित भुगतान किए जाने के 15 दिनों के भीतर आरसी समाप्ति का प्रमाणपत्र जारी किया जाएगा। इससे पात्र मामलों में बकाया वसूली से संबंधित प्रक्रिया के निस्तारण में मदद मिलेगी।
बैठक में अधिकारियों ने व्यापारियों को योजना की जानकारी का लाभ उठाने तथा किसी भी प्रकार की गणना संबंधी त्रुटि से बचने के लिए विभागीय दिशा-निर्देशों का पालन करने पर जोर दिया।
बैठक के दौरान उद्योग व्यापार प्रतिनिधिमंडल के जिलाध्यक्ष आलोक दीक्षित ने दीपावली के त्योहार को देखते हुए जिले के प्रमुख बाजारों में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात करने की मांग उठाई। उन्होंने कहा कि त्योहार नजदीक आने के साथ ही बाजारों में खरीदारी के लिए लोगों की भीड़ बढ़ रही है। इनमें महिलाओं की संख्या भी काफी अधिक रहती है।
उन्होंने आशंका जताई कि भीड़भाड़ का फायदा उठाकर अराजक तत्व सक्रिय हो सकते हैं। ऐसे में बाजारों में व्यापारियों, ग्राहकों और विशेष रूप से महिलाओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती जरूरी है।
आलोक दीक्षित ने मांग की कि त्योहार के दौरान प्रमुख बाजारों में पुलिस गश्त बढ़ाई जाए और संवेदनशील एवं अधिक भीड़ वाले स्थानों पर विशेष निगरानी रखी जाए, जिससे खरीदारी के लिए आने वाले लोगों को सुरक्षित माहौल मिल सके।
व्यापार मंडल ने दीपावली के दौरान बाजारों में बढ़ने वाली भीड़ और यातायात की समस्या को देखते हुए तीन पहिया एवं चार पहिया वाहनों के प्रवेश पर नियंत्रण लगाने की मांग भी की।
व्यापारियों का कहना था कि त्योहार के समय बाजारों में पैदल चलने वाले ग्राहकों की संख्या बढ़ जाती है। ऐसे में वाहनों की आवाजाही से जाम की स्थिति बनने के साथ खरीदारी करने आए लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ता है।
व्यापार मंडल ने मांग की कि भीड़भाड़ वाले बाजारों में आवश्यकतानुसार वाहनों के प्रवेश को प्रतिबंधित किया जाए और यातायात व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने के लिए उचित प्रबंध किए जाएं। इससे बाजारों में आवागमन आसान होने के साथ सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने में भी मदद मिल सकती है।
बैठक में जिले की तीन प्रमुख गल्ला मंडियों इटावा, भरथना और जसवंतनगर में धान की आवक के कारण उत्पन्न हो रही जाम की समस्या भी उठाई गई। व्यापारियों ने बताया कि वर्तमान में मंडियों में धान की आवक होने से मंडियों के अंदर और मुख्य मार्गों पर वाहनों का दबाव बढ़ रहा है। इसके चलते जाम की स्थिति बन रही है और लोगों को आवागमन में परेशानी हो रही है।
व्यापार मंडल ने संबंधित मंडी समितियों को आवश्यक निर्देश दिए जाने की मांग की, ताकि मंडियों के अंदर उपज की आवक, वाहनों की आवाजाही और माल की लोडिंग-अनलोडिंग को व्यवस्थित किया जा सके।
व्यापारियों का कहना था कि मंडियों में उचित यातायात प्रबंधन होने से किसानों, व्यापारियों, वाहन चालकों और आम लोगों को राहत मिल सकती है। इसलिए धान की आवक को देखते हुए समय रहते आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित की जानी चाहिए।
बैठक के दौरान व्यापार मंडल ने गुरु तेग बहादुर ओवरब्रिज से मालगोदाम रोड तक खाली पड़ी सरकारी जमीनों पर कथित तौर पर टीन शेड डालकर बाजार बनाए जाने का मुद्दा उठाया।
जिलाध्यक्ष आलोक दीक्षित ने इस संबंध में प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए कहा कि एक ओर प्रशासन अतिक्रमण हटाने के अभियान चलाता है और स्थायी व्यापारियों से जुर्माना वसूलता है, वहीं दूसरी ओर सरकारी जमीनों पर बाजार बनाए जाने की गतिविधियों को लेकर अलग-अलग स्थिति दिखाई देती है।
व्यापार मंडल ने इसे दोहरी नीति बताते हुए संबंधित सरकारी जमीनों की स्थिति की जांच कराने और नियमों के अनुसार कार्रवाई करने की मांग की। व्यापारियों का कहना था कि अतिक्रमण के मामलों में सभी के लिए समान नियम लागू होने चाहिए और सरकारी जमीनों के उपयोग में पारदर्शिता सुनिश्चित की जानी चाहिए।
इस मुद्दे को उठाते हुए व्यापार मंडल ने प्रशासन से मामले की जांच कर उचित कदम उठाने की अपील की, ताकि व्यापारियों के बीच किसी प्रकार का भेदभाव होने की आशंका दूर हो सके।
त्योहार के दौरान सुरक्षा व्यवस्था को लेकर व्यापार मंडल ने एक अन्य महत्वपूर्ण मांग उठाते हुए जिले के सभी प्रमुख बाजारों में अग्निशमन विभाग की गाड़ियों की तैनाती करने की मांग की।
व्यापारियों ने कहा कि दीपावली के अवसर पर बाजारों में भीड़ बढ़ने के साथ दुकानों में बिजली के उपकरणों और अन्य संसाधनों का इस्तेमाल भी अधिक होता है। ऐसे में किसी भी संभावित आग की घटना से निपटने के लिए पहले से तैयार रहना जरूरी है।
व्यापार मंडल ने मांग की कि प्रमुख बाजारों में आवश्यकतानुसार फायर ब्रिगेड की गाड़ियां तैनात की जाएं, ताकि किसी भी आपात स्थिति में तत्काल कार्रवाई की जा सके। इसके साथ ही अग्निशमन संबंधी व्यवस्थाओं को सक्रिय रखने पर भी जोर दिया गया।
व्यापारियों का मानना है कि त्योहार के दौरान पुलिस सुरक्षा, यातायात प्रबंधन और अग्निशमन व्यवस्था के बीच बेहतर समन्वय से बाजारों में सुरक्षित वातावरण बनाया जा सकता है।
व्यापार बंधु की बैठक में व्यापारियों ने कर संबंधी राहत से लेकर बाजारों की सुरक्षा, यातायात, मंडियों में जाम और सरकारी जमीनों पर अतिक्रमण जैसे मुद्दों को प्रमुखता से उठाया। बैठक में खाद्य विभाग, नगर पालिका, बिजली विभाग, बांट-माप विभाग और वाणिज्य कर विभाग के अधिकारी उपस्थित रहे।
व्यापारियों ने संबंधित विभागों के समक्ष अपनी समस्याएं रखते हुए उनके समाधान की मांग की। बैठक में एक ओर ब्याज माफी योजना-2026 के माध्यम से पात्र व्यापारियों को राहत देने की जानकारी दी गई, वहीं दूसरी ओर आगामी दीपावली को देखते हुए बाजारों में सुरक्षा और सुविधाओं को बेहतर बनाने की जरूरत पर ध्यान आकर्षित किया गया।
इस अवसर पर व्यापार मंडल के जिला उपाध्यक्ष अशोक जाटव, शहर अध्यक्ष सोनू अग्रवाल, युवा शहर अध्यक्ष रहमान सहित अन्य व्यापारी नेता मौजूद रहे।
बैठक में व्यापारियों की ओर से उठाए गए मुद्दों का मुख्य उद्देश्य त्योहार के दौरान बाजारों में सुरक्षित एवं व्यवस्थित माहौल सुनिश्चित करना, यातायात संबंधी समस्याओं को कम करना और व्यापारियों को सरकारी योजनाओं का लाभ दिलाना रहा।
