इटावा। विजयदशमी के पावन अवसर पर हिंदू सेवा समिति, इटावा (उत्तर प्रदेश) के तत्वावधान में 20 अक्टूबर 2026, मंगलवार को 12वीं श्रीराम विजय यात्रा एवं सनातन धर्म सम्मेलन का आयोजन किया जाएगा। इस धार्मिक आयोजन को लेकर समिति की ओर से आमंत्रण पत्र जारी कर श्रद्धालुओं, धर्माचार्यों, सामाजिक कार्यकर्ताओं और सनातन धर्म में आस्था रखने वाले लोगों से कार्यक्रम में शामिल होने की अपील की गई है। समिति के संस्थापक भगवा सेवक प्रदीप शर्मा ने सभी धर्मप्रेमी नागरिकों से आयोजन में सहभागिता कर इसे सफल बनाने का आग्रह किया है। कार्यक्रम के माध्यम से भगवान श्रीराम के आदर्शों, सनातन धर्म की परंपराओं और भारतीय संस्कृति के प्रति जागरूकता बढ़ाने का प्रयास किया जाएगा।
हिंदू सेवा समिति की ओर से जारी आमंत्रण पत्र के अनुसार, श्रीराम विजय यात्रा मंगलवार सुबह 9 बजे कालिबाहन रोड स्थित विश्वनाथ टीबीसी मंदिर से प्रारंभ होगी। यहां से यात्रा नगर के विभिन्न मार्गों से होते हुए पकका तालाब पहुंचेगी। इसके बाद सुबह 11 बजे पकका तालाब में सनातन धर्म सम्मेलन आयोजित किया जाएगा। आयोजकों ने श्रद्धालुओं से निर्धारित समय पर पहुंचकर यात्रा में शामिल होने तथा सम्मेलन में अपनी उपस्थिति दर्ज कराने की अपील की है। समिति की ओर से इसे धार्मिक आस्था, सांस्कृतिक चेतना और सामाजिक सहभागिता से जुड़ा महत्वपूर्ण आयोजन बताया गया है।
श्रीराम विजय यात्रा का मुख्य उद्देश्य भगवान श्रीराम के जीवन, उनके आदर्शों और धर्म की स्थापना के संदेश को जन-जन तक पहुंचाना है। विजयदशमी का पर्व बुराई पर अच्छाई और अधर्म पर धर्म की विजय का प्रतीक माना जाता है। भगवान श्रीराम के जीवन से सत्य, मर्यादा, कर्तव्यनिष्ठा, त्याग और न्याय जैसे मूल्यों की प्रेरणा मिलती है। समिति की ओर से आयोजित यात्रा के माध्यम से इन्हीं आदर्शों के प्रति लोगों को जागरूक करने और भारतीय संस्कृति से जोड़ने का प्रयास किया जाएगा।
आयोजकों का कहना है कि धार्मिक यात्राएं और सांस्कृतिक सम्मेलन समाज को अपनी परंपराओं से परिचित कराने का अवसर प्रदान करते हैं। ऐसे कार्यक्रमों में श्रद्धालुओं की भागीदारी से धार्मिक एवं सांस्कृतिक गतिविधियों को प्रोत्साहन मिलता है। इसी उद्देश्य से हिंदू सेवा समिति की ओर से लगातार श्रीराम विजय यात्रा का आयोजन किया जा रहा है। इस वर्ष 12वीं यात्रा के आयोजन को लेकर श्रद्धालुओं को आमंत्रित किया गया है।
आमंत्रण पत्र में सनातन बोर्ड की मांग के समर्थन का भी उल्लेख किया गया है। श्रीराम विजय यात्रा के बाद पकका तालाब में आयोजित होने वाले सनातन धर्म सम्मेलन में सनातन धर्म, धार्मिक परंपराओं, संस्कृति और सामाजिक जागरूकता से जुड़े विषयों पर विचार-विमर्श किए जाने की बात कही गई है। समिति की ओर से सनातन धर्म की मान्यताओं और परंपराओं के संरक्षण के प्रति जागरूकता बढ़ाने पर जोर दिया गया है।
समिति का मानना है कि भारतीय संस्कृति और धार्मिक परंपराओं के प्रति समाज में जागरूकता बनाए रखना आवश्यक है। इसके लिए धार्मिक आयोजनों के साथ सामाजिक सहभागिता को भी बढ़ावा दिया जाना चाहिए। सम्मेलन के माध्यम से लोगों को अपनी सांस्कृतिक विरासत के महत्व से परिचित कराने तथा धार्मिक विषयों पर चर्चा का अवसर उपलब्ध कराने का प्रयास किया जाएगा।
हिंदू सेवा समिति के संस्थापक भगवा सेवक प्रदीप शर्मा ने अपने आमंत्रण में श्रद्धालुओं, संत-महात्माओं, धर्माचार्यों और सामाजिक क्षेत्र से जुड़े लोगों से कार्यक्रम में शामिल होने का आग्रह किया है। आमंत्रण पत्र में विभिन्न संतों और धर्माचार्यों का उल्लेख करते हुए आयोजन में उनकी सहभागिता के लिए आमंत्रित किया गया है। समिति ने लोगों से अपील की है कि वे अपने व्यस्त समय में से कुछ समय निकालकर श्रीराम विजय यात्रा और सनातन धर्म सम्मेलन में भाग लें।
आयोजकों के अनुसार, किसी भी धार्मिक और सांस्कृतिक आयोजन की सफलता में आम नागरिकों की सहभागिता महत्वपूर्ण होती है। लोगों की भागीदारी से धार्मिक परंपराओं को आगे बढ़ाने और नई पीढ़ी को अपनी सांस्कृतिक विरासत से परिचित कराने में मदद मिलती है। इसी उद्देश्य से समिति की ओर से व्यापक स्तर पर लोगों तक आमंत्रण पहुंचाने का प्रयास किया जा रहा है।
कार्यक्रम की रूपरेखा के अनुसार, मंगलवार सुबह 9 बजे विश्वनाथ टीबीसी मंदिर, कालिबाहन रोड से श्रीराम विजय यात्रा शुरू होगी। यात्रा के नगर में भ्रमण के बाद सुबह 11 बजे पकका तालाब में सनातन धर्म सम्मेलन आयोजित किया जाएगा। समिति ने श्रद्धालुओं से यात्रा और सम्मेलन के निर्धारित समय को ध्यान में रखते हुए कार्यक्रम में शामिल होने का अनुरोध किया है।
हिंदू सेवा समिति की ओर से जारी आमंत्रण में कहा गया है कि श्रद्धालुओं की सहभागिता आयोजन को सफल बनाने के साथ धार्मिक एवं सांस्कृतिक चेतना को मजबूत करने में सहायक होगी। समिति ने सभी धर्मप्रेमी नागरिकों से श्रीराम विजय यात्रा में शामिल होकर भगवान श्रीराम के आदर्शों को आत्मसात करने और सनातन धर्म सम्मेलन में सहभागिता करने की अपील की है।
समिति ने सभी श्रद्धालुओं और धर्मप्रेमी नागरिकों से अपील की है कि वे 20 अक्टूबर को आयोजित होने वाली 12वीं श्रीराम विजय यात्रा एवं सनातन धर्म सम्मेलन में शामिल होकर अपनी सहभागिता सुनिश्चित करें। आयोजन के माध्यम से भगवान श्रीराम के आदर्शों, सनातन धर्म की परंपराओं और भारतीय संस्कृति के प्रति जागरूकता बढ़ाने का संदेश दिया जाएगा।
