इटावा। विद्यार्थियों को बेहतर भविष्य के लिए मार्गदर्शन देने, प्रतियोगी परीक्षाओं के प्रति जागरूक करने और डिजिटल दुनिया में सुरक्षित रहने के उपाय बताने के उद्देश्य से इटावा पुलिस की ओर से संत विवेकानन्द स्कूल, इटावा में दो महत्वपूर्ण जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए गए। मुख्यमंत्री अभ्युदय योजना के तहत करियर गाइडेंस एवं मोटिवेशनल सत्र आयोजित कर छात्र-छात्राओं को प्रतियोगी परीक्षाओं, उच्च शिक्षा और रोजगार के विभिन्न अवसरों की जानकारी दी गई। वहीं, मिशन शक्ति फेज-6.0 के अंतर्गत साइबर सुरक्षा कार्यक्रम का लाइव प्रसारण कर विद्यार्थियों को साइबर फ्रॉड, ऑनलाइन धोखाधड़ी और सुरक्षित डिजिटल व्यवहार के प्रति जागरूक किया गया।

मुख्यमंत्री अभ्युदय योजना के तहत आयोजित करियर मार्गदर्शन कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों को उनकी शैक्षणिक योग्यता, रुचि और क्षमताओं के अनुरूप भविष्य की दिशा चुनने के लिए प्रेरित करना रहा। कार्यक्रम में छात्र-छात्राओं को प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी, उच्च शिक्षा के विकल्पों और रोजगार से जुड़ी संभावनाओं के प्रति जागरूक किया गया। विद्यार्थियों को अपने लक्ष्य निर्धारित करने, पढ़ाई के प्रति गंभीर रहने और निरंतर प्रयास के माध्यम से सफलता प्राप्त करने के लिए प्रेरित किया गया। करियर संबंधी सही जानकारी और समय पर मार्गदर्शन मिलने से विद्यार्थियों को अपने भविष्य की योजना बनाने में सहायता मिल सकती है।
कार्यक्रम के दौरान प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी को लेकर जागरूकता बढ़ाने पर विशेष जोर दिया गया। विद्यार्थियों को बताया गया कि किसी भी लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए नियमित अध्ययन, अनुशासन, समय प्रबंधन और आत्मविश्वास महत्वपूर्ण हैं। उच्च शिक्षा के विभिन्न विकल्पों की जानकारी प्राप्त कर विद्यार्थी अपनी रुचि के अनुसार आगे की पढ़ाई और करियर का चयन कर सकते हैं। साथ ही रोजगार के अवसरों को समझकर भविष्य के लिए बेहतर तैयारी कर सकते हैं। इस प्रकार के मार्गदर्शन कार्यक्रम विद्यार्थियों को अपने लक्ष्य के प्रति स्पष्ट सोच विकसित करने और उपलब्ध अवसरों का लाभ उठाने के लिए प्रेरित करते हैं।
इसी क्रम में मिशन शक्ति फेज-6.0 के तहत संत विवेकानन्द स्कूल में साइबर सुरक्षा कार्यक्रम का लाइव प्रसारण भी किया गया। इसके माध्यम से छात्र-छात्राओं को इंटरनेट और डिजिटल माध्यमों का उपयोग करते समय सतर्क रहने की जानकारी दी गई। वर्तमान समय में ऑनलाइन शिक्षा, डिजिटल भुगतान, सोशल मीडिया और विभिन्न इंटरनेट सेवाओं का उपयोग बढ़ने के साथ साइबर अपराधों के प्रति जागरूक रहना भी आवश्यक हो गया है। इसे देखते हुए विद्यार्थियों को साइबर फ्रॉड, ऑनलाइन धोखाधड़ी और सुरक्षित डिजिटल व्यवहार से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारियों से अवगत कराया गया।
साइबर सुरक्षा जागरूकता कार्यक्रम में विद्यार्थियों को डिजिटल माध्यमों का इस्तेमाल सावधानीपूर्वक करने के महत्व से परिचित कराया गया। ऑनलाइन धोखाधड़ी से बचने के लिए अनजान लिंक पर क्लिक करने, संदिग्ध संदेशों पर भरोसा करने और अपनी निजी जानकारी असुरक्षित तरीके से साझा करने से बचना जरूरी है। विद्यार्थियों को इंटरनेट का उपयोग करते समय सतर्कता बरतने और किसी भी संदिग्ध ऑनलाइन गतिविधि के प्रति जागरूक रहने के लिए प्रेरित किया गया। साइबर अपराधों के तरीकों की जानकारी होने से छात्र-छात्राएं स्वयं को सुरक्षित रखने के साथ अपने परिवार और आसपास के लोगों को भी जागरूक कर सकते हैं।
मिशन शक्ति फेज-6.0 के अंतर्गत आयोजित यह कार्यक्रम विद्यार्थियों में डिजिटल सुरक्षा के प्रति समझ विकसित करने की दिशा में महत्वपूर्ण रहा। इसका उद्देश्य छात्र-छात्राओं को ऑनलाइन दुनिया में मौजूद जोखिमों से परिचित कराना और जिम्मेदारी के साथ डिजिटल माध्यमों का इस्तेमाल करने के लिए प्रेरित करना था। साइबर सुरक्षा के प्रति जागरूकता विशेष रूप से युवाओं के लिए आवश्यक है, क्योंकि वे पढ़ाई, संवाद और मनोरंजन के लिए विभिन्न ऑनलाइन प्लेटफॉर्म का नियमित उपयोग करते हैं।
इटावा पुलिस की ओर से मुख्यमंत्री अभ्युदय योजना के तहत करियर मार्गदर्शन और मिशन शक्ति फेज-6.0 के तहत साइबर सुरक्षा जागरूकता कार्यक्रम आयोजित कर विद्यार्थियों के शैक्षणिक विकास, करियर निर्माण और डिजिटल सुरक्षा से जुड़े महत्वपूर्ण विषयों पर जानकारी उपलब्ध कराई गई। एक ओर करियर गाइडेंस सत्र के माध्यम से छात्र-छात्राओं को प्रतियोगी परीक्षाओं, उच्च शिक्षा और रोजगार के अवसरों के प्रति जागरूक किया गया, वहीं दूसरी ओर साइबर सुरक्षा कार्यक्रम के जरिए उन्हें ऑनलाइन धोखाधड़ी से बचने और सुरक्षित डिजिटल व्यवहार अपनाने के लिए प्रेरित किया गया। ऐसे कार्यक्रम विद्यार्थियों को जागरूक, आत्मविश्वासी और जिम्मेदार नागरिक बनाने में सहायक हो सकते हैं।
