नई दिल्ली। भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन ने मंगलवार को भाजपा केंद्रीय कार्यालय, नई दिल्ली में सभी प्रदेशों के प्रभारियों एवं सह प्रभारियों की बैठक को संबोधित किया। भाजपा की ओर से जारी जानकारी के अनुसार, हाल में विभिन्न राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के लिए नए प्रभारियों एवं सह प्रभारियों की नियुक्तियों के बाद यह महत्वपूर्ण संगठनात्मक बैठक आयोजित की गई।

बैठक में पार्टी के संगठनात्मक कामकाज, प्रदेश स्तर पर चल रही गतिविधियों और आगामी महीनों के कार्यक्रमों से जुड़े विषयों पर चर्चा हुई। भाजपा ने सितंबर में 36 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के लिए प्रदेश प्रभारियों तथा सह प्रभारियों में बदलाव किया था। इसके बाद राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन की अध्यक्षता में हुई इस बैठक को नए पदाधिकारियों के साथ संगठनात्मक समन्वय की दृष्टि से महत्वपूर्ण माना गया।
हालिया संगठनात्मक नियुक्तियों के तहत उत्तर प्रदेश के लिए विनोद तावड़े को प्रभारी बनाया गया है। उनके साथ जगदीश पटेल, मेधा कुलकर्णी, डॉ. प्रदीप वर्मा और अनंत ओझा को सह प्रभारी की जिम्मेदारी दी गई है। इसी तरह विभिन्न राज्यों में भी नए प्रभारियों और सह प्रभारियों को जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं।
पार्टी की ओर से किए गए संगठनात्मक फेरबदल में कई वरिष्ठ नेताओं को अलग-अलग राज्यों की जिम्मेदारी दी गई है। राम माधव को उत्तराखंड का प्रभारी बनाया गया है, जबकि स्मृति ईरानी को छत्तीसगढ़ और हरियाणा की जिम्मेदारी सौंपी गई है। सतिश पूनिया को पंजाब और जम्मू-कश्मीर से संबंधित संगठनात्मक जिम्मेदारियां दी गई हैं। इन नियुक्तियों के बाद संबंधित राज्यों में संगठनात्मक गतिविधियों को आगे बढ़ाने के लिए प्रभारियों की भूमिका महत्वपूर्ण रहेगी।
29 सितंबर को आयोजित बैठक से पहले पार्टी की ओर से बताया गया था कि प्रदेश प्रभारी और सह प्रभारी संगठन की प्राथमिकताओं, चल रहे कार्यक्रमों और आने वाले महीनों के रोडमैप पर चर्चा करेंगे। बैठक में राज्यों में संगठनात्मक गतिविधियों और जनसंपर्क से जुड़े अभियानों की समीक्षा किए जाने की भी जानकारी सामने आई थी।
भाजपा के संगठनात्मक ढांचे में प्रदेश प्रभारी और सह प्रभारी राज्यों में पार्टी के केंद्रीय नेतृत्व तथा प्रदेश संगठन के बीच समन्वय की भूमिका निभाते हैं। हालिया नियुक्तियों के बाद राष्ट्रीय स्तर पर हुई बैठक में इन पदाधिकारियों को उनकी जिम्मेदारियों और संगठनात्मक कार्यों को लेकर दिशा-निर्देश दिए गए। बैठक में विभिन्न राज्यों की संगठनात्मक परिस्थितियों और आगामी कार्यक्रमों के संदर्भ में भी विचार-विमर्श हुआ।
बैठक ऐसे समय में हुई है जब उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश सहित कई राज्यों में वर्ष 2027 में विधानसभा चुनाव प्रस्तावित हैं। हालांकि बैठक की सार्वजनिक जानकारी में प्रत्येक राज्य के लिए अलग-अलग चर्चा का विस्तृत ब्यौरा उपलब्ध नहीं कराया गया है। भाजपा की ओर से जारी तस्वीर और जानकारी में राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन को प्रदेश प्रभारियों एवं सह प्रभारियों के साथ बैठक को संबोधित करते हुए दिखाया गया है।
इस बैठक के माध्यम से राष्ट्रीय नेतृत्व और राज्यों के संगठनात्मक पदाधिकारियों के बीच समन्वय को लेकर चर्चा हुई। भाजपा की ओर से हाल में की गई नियुक्तियों के बाद प्रदेश स्तर पर संगठनात्मक जिम्मेदारियों को आगे बढ़ाने और आगामी कार्यक्रमों के लिए कार्ययोजना पर काम करने की प्रक्रिया के तहत इस बैठक को देखा जा रहा है।
