उत्तर प्रदेश आयुर्विज्ञान विश्वविद्यालय (यूपीयूएमएस), सैफई में हाल ही में WHO–UNICEF की राष्ट्रीय मेंटर एवं किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी (केजीएमयू) लखनऊ के बाल रोग विभाग की प्रोफेसर डॉ. शालिनी त्रिपाठी का विशेष दौरा आयोजित किया गया। उन्होंने विश्वविद्यालय के स्पेशल न्यूबॉर्न केयर यूनिट का निरीक्षण कर वहां उपलब्ध सुविधाओं और नवजात शिशुओं को दी जा रही स्वास्थ्य सेवाओं का अवलोकन किया।

दौरे के दौरान प्रो. शालिनी त्रिपाठी ने कुलपति प्रो. (डॉ.) अजय सिंह के दूरदर्शी नेतृत्व में स्थापित मानव दुग्ध बैंक का भी निरीक्षण किया। उन्होंने नवजात शिशुओं की बेहतर देखभाल के लिए वेंटिलेशन रणनीतियों, कंगारू मदर केयर तथा अन्य साक्ष्य-आधारित चिकित्सा हस्तक्षेपों को और मजबूत बनाने संबंधी महत्वपूर्ण सुझाव दिए।
विशेषज्ञों द्वारा यह भी बताया गया कि इन उपायों के प्रभावी क्रियान्वयन से नवजात शिशुओं में बीमारी और मृत्यु दर को कम करने में मदद मिलेगी, जो उत्तर प्रदेश और देश में सतत विकास लक्ष्यों की प्राप्ति की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित होगा।
कुलपति प्रो. (डॉ.) अजय सिंह के साथ हुई बैठक में यूपीयूएमएस में आने वाले बड़ी संख्या में मरीजों तथा समय से पूर्व जन्मे एवं संवेदनशील नवजात शिशुओं के उपचार को और बेहतर बनाने की रणनीतियों पर विस्तार से चर्चा हुई।
प्रो. शालिनी त्रिपाठी ने विश्वविद्यालय में स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार, आधुनिक संसाधनों के विकास तथा मरीजों को बेहतर चिकित्सा सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए कुलपति द्वारा किए जा रहे प्रयासों की सराहना की। उन्होंने कहा कि यूपीयूएमएस सैफई क्षेत्रीय स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है और यहां की पहलें प्रदेश में नवजात शिशु स्वास्थ्य सेवाओं को नई दिशा दे रही हैं।
