विश्व स्तनपान सप्ताह के अवसर पर उत्तर प्रदेश आयुर्विज्ञान विश्वविद्यालय (यूपीयूएमएस), सैफई में स्तनपान के महत्व को लेकर जागरूकता कार्यक्रम एवं पोस्टर प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य माताओं, विद्यार्थियों और आमजन के बीच स्तनपान के प्रति जागरूकता बढ़ाना तथा इससे जुड़े मिथकों और भ्रांतियों को दूर करना था।

प्रेरणादायी मार्गदर्शन में आयोजित कार्यक्रम में विशेषज्ञों ने मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य के लिए स्तनपान की भूमिका पर विस्तार से प्रकाश डाला। वक्ताओं ने बताया कि माँ का दूध नवजात शिशु के लिए सर्वोत्तम पोषण का स्रोत है, जो उसे विभिन्न बीमारियों से बचाने के साथ-साथ उसके शारीरिक और मानसिक विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
कार्यक्रम के दौरान स्तनपान से जुड़े स्वास्थ्य लाभ, नवजात शिशुओं के लिए इसकी आवश्यकता तथा समाज में प्रचलित विभिन्न भ्रांतियों पर विशेषज्ञों ने वैज्ञानिक जानकारी साझा की। उन्होंने कहा कि जन्म के तुरंत बाद शिशु को स्तनपान कराना उसके स्वस्थ जीवन की मजबूत शुरुआत है।
इस अवसर पर एमबीबीएस छात्र-छात्राओं के लिए पोस्टर प्रतियोगिता का भी आयोजन किया गया। प्रतिभागियों ने अपनी रचनात्मक प्रतिभा के माध्यम से स्तनपान के महत्व को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत किया। प्रतियोगिता में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को सम्मानित एवं पुरस्कृत किया गया।
कार्यक्रम का आयोजन स्त्री एवं प्रसूति रोग विभागाध्यक्ष डॉ. कल्पना कुमारी के मार्गदर्शन में किया गया। उन्होंने कहा कि स्तनपान केवल शिशु के पोषण का माध्यम नहीं, बल्कि माँ और बच्चे के बीच भावनात्मक जुड़ाव को भी मजबूत करता है। इसके प्रति जागरूकता बढ़ाना समय की आवश्यकता है।
कार्यक्रम के अंत में उपस्थित सभी लोगों को स्तनपान को बढ़ावा देने और इसके प्रति समाज में सकारात्मक संदेश प्रसारित करने का संकल्प दिलाया गया। इस अवसर पर विश्वविद्यालय के चिकित्सक, शिक्षक, विद्यार्थी एवं स्वास्थ्यकर्मी बड़ी संख्या में मौजूद रहे।
