ताखा क्षेत्र की गौशालाओं के औचक निरीक्षण के दौरान उपजिलाधिकारी ताखा विजय प्रकाश मिश्रा को समथर गौशाला में गंभीर अनियमितताएं मिलीं। 138 गौवंशों के लिए मात्र पांच कुंतल भूसा उपलब्ध होने पर उन्होंने नाराजगी जताते हुए पंचायत सचिव को 24 घंटे के भीतर पर्याप्त भूसा उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। साथ ही गौशाला के पास 120 बीघा भूमि होने के बावजूद हरे चारे की व्यवस्था न होने पर ग्राम प्रधान के खिलाफ नोटिस जारी करने के निर्देश दिए गए।

मंगलवार को एसडीएम विजय प्रकाश मिश्रा ने ताखा की समथर एवं मामन हिम्मतपुर गौशालाओं का औचक निरीक्षण किया। समथर गौशाला, जो क्षेत्र की सबसे बड़ी गौशाला है, वहां गौवंशों की स्थिति संतोषजनक नहीं मिली। गौवंशों के रहने के स्थान पर गंदगी और कीचड़ देखकर उन्होंने तत्काल सफाई कराने के निर्देश दिए। उन्होंने गोबर को एक स्थान पर एकत्रित कर व्यवस्थित रखने की बात कहते हुए बताया कि इससे अतिरिक्त आय भी अर्जित की जा सकती है और स्वच्छता भी बनी रहेगी।
निरीक्षण के दौरान जानकारी मिली कि गौशाला में 138 गौवंश संरक्षित हैं। जब एसडीएम ने भूसा गोदाम का निरीक्षण किया तो वहां केवल पांच कुंतल भूसा ही मिला, जो इतने गौवंशों के लिए मात्र एक दिन की आवश्यकता के बराबर था। भूसे में मिलाने के लिए दाना भी उपलब्ध नहीं था। इस पर उन्होंने पंचायत सचिव विजेंद्र को 24 घंटे के भीतर पर्याप्त भूसा उपलब्ध कराने के निर्देश दिए और चेतावनी दी कि ऐसी लापरवाही किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं की जाएगी।
एसडीएम ने पशु चिकित्सा अधिकारी ताखा को निर्देश दिए कि भूसा उपलब्ध होते ही इसकी रिपोर्ट प्रस्तुत करें तथा कमजोर एवं बीमार गौवंशों का चिकित्सीय परीक्षण कर आवश्यक उपचार सुनिश्चित करें। उन्होंने गौशाला परिसर में फैले कीचड़ को तत्काल हटाकर गौवंशों को सूखी एवं सुरक्षित जगह पर रखने के भी निर्देश दिए।
जांच में यह भी सामने आया कि गौशाला के पास हरे चारे की खेती के लिए लगभग 120 बीघा भूमि उपलब्ध है, लेकिन ग्राम प्रधान की लापरवाही के कारण वहां हरा चारा तैयार नहीं कराया गया। निरीक्षण के समय ग्राम प्रधान कोमल सिंह भी मौके पर मौजूद नहीं मिलीं। इस पर नाराजगी व्यक्त करते हुए एसडीएम ने ग्राम प्रधान को नोटिस जारी करने के निर्देश दिए।
इसके बाद एसडीएम ने मामन हिम्मतपुर गौशाला का निरीक्षण किया। यहां 78 गौवंश संरक्षित मिले तथा गोदाम में 35 कुंतल भूसा उपलब्ध था। गौवंशों को हरा चारा भी खिलाया जा रहा था, लेकिन परिसर में कीचड़ फैला होने से पशुओं को परेशानी हो रही थी। इस पर पंचायत सचिव विवेक यादव को तत्काल सफाई कराने के निर्देश दिए गए।
निरीक्षण के दौरान खंड विकास अधिकारी प्रदीप कुमार तथा पशु चिकित्सा अधिकारी शिवांगी पाण्डेय भी मौजूद रहीं। एसडीएम विजय प्रकाश मिश्रा ने बताया कि दोनों गौशालाओं में मिली कमियों को तत्काल दूर करने के निर्देश दिए गए हैं। व्यवस्थाओं में सुधार के लिए राजस्व विभाग की टीम को भी लगाया गया है, ताकि गौवंशों को बेहतर देखभाल और सुविधाएं मिल सकें।
