भरथना (रिपोर्ट- तनुज श्रीवास्तव, 9720063658)- राष्ट्र की सुरक्षा व सम्मान की खातिर भारतीय सेना में सेवारत वीर जवान अजय यादव की पंजाब के फिरोजपुर स्थित आर्मी हैड क्वार्टर में ह्रदय गति रूक जाने से हुए आकस्मिक निधन से परिवार में कोहराम के साथ सम्पूर्ण क्षेत्र शोेक में डूब गया। गुरूवार को तिरंगंें में लिपटा शहीद का पार्थिव शरीर जैसे ही पैतृक गांव पहुँचा, परिजनों में चीख पुकार मच गयी। सैन्य अधिकारियों की मौजूदगी में स्थानीय राजनैतिक प्रतिनिधियों व प्रशासनिक अधिकारियों ने श्रद्धासुमन अर्पित करते हुए शहीद को श्रृद्धांजलि दी। तदुपरान्त राजकीय सम्मान के साथ शहीद का अन्तिम संस्कार किया गया।
क्षेत्र के ग्राम नगला गनू निवासी अजय यादव भारतीय सेना में वायरलैस ऑपरेटर के पद पर कार्यरत था, वर्तमान में उसकी तैनाती पंजाब के जनपद फिरोजपुर स्थित सेना मुख्यालय में थीं। बीते मंगलवार को ड्यूटी के दौरान अचानक उनकी तबियत बिगडी, जिस पर उपचार के दौरान उनका निधन हो गया। वह वर्ष 2016 में भारतीय सेना में भर्ती हुए थे। गुरूवार की सुबह सेना के अधिकारियों के साथ तिरंगे में लिपटकर जैसे ही शहीद का पार्थिव शरीर पैतृक गांव नगला गनू (भरथना) पहुँचा, परिजनों पिता सुरेन्द्र यादव, माता ऊषा देवी, पत्नी शालू यादव, भाई पंकज यादव, एक पुत्र व एक पुत्री में चीख पुकार के बीच हाहाकार मच गया तथा हजारों की संख्या में मौजूद लोगों ने शहीद की शहादत को नमन किया।

सैन्य सम्मान के साथ शहीद के अन्तिम संस्कार के लिए कानपुर से आई सेना की बटालियन के नायब सूबेदार पूर्णाराय ने अपनी 16 सदस्यीय टीम के साथ शहीद वीरसपूत को गार्ड ऑफ ऑनर दिया तथा मौजूद सैनिकों ने शस्त्र झुकाकर शहीद को अंतिम सलामी तथा मौजूद राजनैतिक प्रतिनिधियों व प्रशासनिक अधिकारियों ने भी नम आँखों से शहीद को श्रद्धासुमन अर्पित किये। शहीद के अन्तिम संस्कार के दौरान जिला पंचायत अध्यक्ष अभिषेक यादव अंशुल, सांसद जितेन्द्र दोहरे, विधायक राघवेन्द्र सिंह गौतम, पालिकाध्यक्ष अजय कुमार यादव गुल्लू, पूर्व चेयरमैन मनोज पोरवाल, हाकिम सिंह, पूर्व ब्लाक प्रमुख हरिओम यादव, पूर्व जि0पं0स0 मनोज यादव बण्टी, पूर्व सांसद प्रेमदास कठेरिया, सुरेन्द्र यादव, भोला सिंह यादव, विपिन यादव के अलावा उपजिलाधिकारी काव्या सी, तहसीलदार दिलीप कुमार सिंह, पुलिस क्षेत्राधिकारी रामदवन मौर्य, थाना प्रभारी निरीक्षक विक्रम सिंह सहित कई गणमान्य लोगों की उपस्थिति रही और सभी ने अश्रुपूरित नयनों से शहीद को अन्तिम विदाई दी।
