बकेवर:- ग्राम पंचायत नवादा खुर्दकला में नौ दिबसीय श्रीमद् भागवत कथा का कलश यात्रा के साथ देर शाम 6 बजे शुभारंभ हुआ। हनुमान मंदिर कथा पंडाल से बैंडबाजों के साथ भव्य कलश यात्रा निकाली गई। कलश यात्रा गाँव के प्रमुख मुख्य मार्गों से गुजरती हुई कार्यक्रम स्थल पर पहुंची। जहां पर आचार्य संजीव कुमार शुक्ला (उझियानी) ने भागवत की पूजा अर्चना की और पूजन के बाद कलश की स्थापना की गई।
कथा व्यास श्री शुक्ला ने अपने प्रवचनों में उपस्थित श्रद्धालुओं को श्रीमद्भागवत पुराण की जानकारी देते हुए कहा कि श्रीमद्भगवत कथा का श्रवण करने से मानव जीवन में एक जन्म नहीं अपितु हमारे कई जन्मों के पापों का नाश होने के साथ ही हमारे शुभ कर्मों का उदय होता है। कथा सुनने मात्र से जीव जन्म और मरण के बंधन से मुक्त हो जाता है।
उन्होंने कहा कि नारद जी ने भक्ति देवी के कष्ट की निवृत्ति के लिए श्रीमद् भागवत कथा का नौ दिवसीय अनुष्ठान एवं यज्ञ किया था। जहां संतकुमारों ने भागवत का प्रवचन करते हुए नारद के मन का संशय दूर किया। इसी कथा को धुंधकारी प्रेत ने अपने अग्रज से श्रवण किया और प्रेत योनि से मुक्ति पाकर विष्णु लोक को प्राप्त हुए। कथा व्यास ने कहा कि भगवत श्रवण से जीव के सभी पाप कर्म मिट जाते हैं।
अंत में सामूहिक आरती और प्रसाद वितरण किया गया। इस दौरान व्यवस्थापक सुरेन्द्र राठौर, पन्ना लाल विनोद कुमार ने भागवत कथा का श्रवण व रासलीला में वृन्दावन से आये कलाकारों द्वारा लीला देखने का आहवान आसपास गाँव के लोगों से किया।
