इटावा। मुख्य चिकित्सा अधिकारी एवं जिला क्षय रोग अधिकारी के निर्देशन में चल रहे 100 दिवसीय सघन टीबी खोज अभियान के अंतर्गत जनभागीदारी बढ़ाने के उद्देश्य से कैप्टन विशाल सिंह डिग्री कॉलेज भरथना में जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता कॉलेज के प्रधानाचार्य प्रेमचंद वर्मा ने की।
कार्यक्रम में छात्र-छात्राओं को टीबी रोग के प्रति जागरूक करते हुए वरिष्ठ उपचार परिवेक्षक अनिल कुमार ने टीबी के लक्षण, बचाव एवं उपचार की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने बताया कि यदि किसी व्यक्ति को दो सप्ताह से अधिक समय तक खांसी, सीने में दर्द, बलगम में खून आना, शाम के समय पसीना आना, लगातार वजन कम होना, बच्चों का वजन न बढ़ना, भूख कम लगना अथवा गले में गांठ जैसी समस्याएं दिखाई दें तो ऐसे व्यक्तियों को तुरंत नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र पर भेजकर निशुल्क बलगम जांच करानी चाहिए।

उन्होंने कहा कि टीबी रोग की पुष्टि होने पर सरकार द्वारा मरीजों को पूरी तरह निशुल्क उपचार उपलब्ध कराया जाता है। साथ ही मरीजों को नियमित दवा एवं उचित पोषण लेने के लिए भी प्रेरित किया जाता है।
कार्यक्रम में जयंत प्रकाश ने जानकारी देते हुए बताया कि टीबी मरीजों को उपचार के दौरान सरकार द्वारा डीबीटी के माध्यम से प्रतिमाह एक हजार रुपये की सहायता राशि पोषण आहार के लिए प्रदान की जाती है, ताकि मरीज बेहतर भोजन लेकर शीघ्र स्वस्थ हो सकें।
प्रधानाचार्य प्रेमचंद वर्मा ने छात्र-छात्राओं से अपील करते हुए कहा कि वे स्वयं जागरूक बनें और समाज में भी टीबी के प्रति लोगों को जागरूक करें, ताकि इस बीमारी को जड़ से समाप्त किया जा सके।
इस अवसर पर अध्यापक राबिया बानो, सुनील कुमार, रीना सिंह, नितिन कुमार, अनिल कुमार सहित अन्य शिक्षक एवं लगभग एक सैकड़ा छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।
