भरथना- कोतवाली क्षेत्र के ग्राम हाजीपुरा में मंगलवार की सुबह 6 बजे उस समय हड़कम्प मच गया, जब घर के अन्दर करिश्मा (26 वर्ष) पत्नी आनंद मोहन दोहरे फांसी के फंदे पर झूलती देखी गई, घर के बाहर मौजूद परिजनों ने करिश्मा को आनन-फानन में फांसी से उतारकर इलाज के लिए सैंफई चिकित्सालय में भर्ती कराया और गुडगांव में प्राइवेट नौकरी कर रहे महिला के पति आनंद मोहन को फोन पर सूचित कर अस्पताल बुला लिया। चिकित्सक बीते दो दिनों से अचेत करिश्मा के इलाज में जुटे हुए थे, लेकिन इलाज के दौरान मंगलवार की सुबह करीब 6 बजे करिश्मा की दुखद मौत हो गई। मृतका करिश्मा अपने पीछे मासूम दो बेटियों में काव्या (4 वर्ष) व एक डेढ़ वर्षीय अबोध बच्ची को रोता बिलखता छोड़ गई है।
जानकारी के अनुसार करिश्मा अपने सास-ससुर से अलग रहती थी, करिश्मा का पति आनंद मोहन दोहरे घर से बाहर गुडगांव में अकेला रहकर प्राइवेट नौकरी कर अपने परिवार का भरण पोषण कर रहा था और घटना के दौरान भी पति आनंद मोहन गुडगांव में अपनी ड्यूटी पर था। जबकि मृतका की सास सुषमा देवी और ससुर श्रीकृष्ण समेत अविवाहित देवर हैप्पी दोहरे व छोटी ननद प्रियांशी अपने दूसरे घर में थी, बाबजूद फांसी की खबर मिलते ही परिजनों ने करिश्मा को फांसी के फंदे से अचेत अवस्था में नीचे उताकर इलाज के लिए सैंफई में भर्ती कराया, लेकिन चिकित्सक करिश्मा को बचा नहीं सके। करिश्मा की मौत से परिजनों में कोहराम मचा हुआ है। घटना की सूचना पर पुलिस ने मृतका के शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम की कार्यवाही के साथ घटना की जांच पड़ताल शुरू कर दी है।
