सैफई/इटावा, अंतरराष्ट्रीय मिडवाइफ दिवस के अवसर पर उत्तर प्रदेश आयुर्विज्ञान विश्वविद्यालय (UPUMS), सैफई में एक विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया गया, जिसमें मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य में मिडवाइफों की महत्वपूर्ण भूमिका पर विस्तार से चर्चा की गई।

कार्यक्रम में मा० कुलपति प्रो. (डॉ.) अजय सिंह ने कहा कि “स्वस्थ उत्तर प्रदेश–स्वस्थ भारत” के लक्ष्य को साकार करने में मिडवाइफों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने बताया कि सुरक्षित प्रसव, प्रसवोत्तर देखभाल तथा ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच बढ़ाने में मिडवाइफ अग्रणी भूमिका निभाती हैं।
उन्होंने यह भी कहा कि वैश्विक स्तर पर प्रशिक्षित मिडवाइफों को मातृ एवं नवजात मृत्यु दर में कमी लाने में प्रभावी माना गया है, जिससे स्वास्थ्य प्रणाली को मजबूती मिलती है।
इस अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में देशभर से आए प्रतिभागियों की उपस्थिति में प्रशिक्षण, कौशल विकास एवं आधुनिक तकनीकों के उपयोग पर विशेष बल दिया गया। विशेषज्ञों ने मिडवाइफों के निरंतर प्रशिक्षण और सशक्तिकरण की आवश्यकता पर जोर देते हुए कहा कि इससे स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता में उल्लेखनीय सुधार संभव है।
कार्यक्रम के अंत में मिडवाइफों के योगदान की सराहना करते हुए उन्हें सम्मानित भी किया गया।
