जनपद में प्रशासनिक व्यवस्थाओं को सुदृढ़ बनाने के उद्देश्य से खण्ड विकास अधिकारी-बढ़पुरा कार्यालय का औचक निरीक्षण मुख्य विकास अधिकारी अजय कुमार गौतम एवं प्रशिक्षु आईएएस कोमल पुनिया द्वारा किया गया। निरीक्षण के दौरान कार्यालय की व्यवस्थाओं, योजनाओं के क्रियान्वयन एवं अभिलेखों का गहन परीक्षण करते हुए कई महत्वपूर्ण बिंदुओं पर सुधार के निर्देश दिए गए।
निरीक्षण में पाया गया कि कार्यालय परिसर में आगंतुकों के बैठने एवं छाया की समुचित व्यवस्था नहीं है। इस पर तत्काल टीन शेड लगाने के निर्देश दिए गए। साथ ही परिसर के समीप स्थित तालाब की साफ-सफाई एवं सौंदर्यीकरण कराने तथा सामुदायिक शौचालय में वॉश बेसिन की मरम्मत शीघ्र पूर्ण करने को कहा गया।

कार्यालय की कार्यप्रणाली को पारदर्शी एवं सुव्यवस्थित बनाने हेतु सभी कक्षों में कार्मिकों के नाम व पदनाम सहित नेम-प्लेट लगाने तथा प्रत्येक कक्ष का नाम अंकित करने के निर्देश दिए गए।
बाल विकास एवं पुष्टाहार विभाग के अंतर्गत 122 गंभीर कुपोषित (SAM) बच्चों को मध्यम कुपोषित (MAM) श्रेणी में लाने एवं MAM बच्चों को सामान्य श्रेणी में परिवर्तित करने के लिए प्रभावी कार्यवाही सुनिश्चित करने को कहा गया। साथ ही ग्राम पंचायतों में मूकबधिर बच्चों का शत-प्रतिशत पुनः सर्वे कराने के सख्त निर्देश दिए गए, यह स्पष्ट करते हुए कि कोई भी बच्चा छूटना नहीं चाहिए।
“वन विलेज वन आर.ओ. प्लांट” योजना के तहत विकास खण्ड परिसर में स्थापित प्लांट का स्वयं सहायता समूहों के साथ विधिवत अनुबंध कराने, नियमानुसार किराया निर्धारण, बिजली, साफ-सफाई एवं रंगाई-पुताई की व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।

इसके अलावा विकास खण्ड परिसर में मरम्मत योग्य कक्षों की मरम्मत कर उन्हें संबंधित कार्मिकों को आवंटित करने, युवक मंगल दलों की बैठक आयोजित कर प्रशिक्षण देने तथा ग्राम पंचायतों में खेल मैदान व मॉडल पार्क की देखरेख की जिम्मेदारी सौंपने के निर्देश भी दिए गए।
मनरेगा कार्यों में पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए एनएमएमएस के माध्यम से श्रमिकों की उपस्थिति दर्ज कराने, महिला मेट की अनिवार्य उपस्थिति सुनिश्चित करने तथा 100 दिन कार्य पूर्ण करने वाले श्रमिकों को स्वरोजगार हेतु प्रशिक्षण देने पर भी जोर दिया गया।

निरीक्षण के दौरान पत्रावलियों में पाई गई अनियमितताओं पर खण्ड विकास अधिकारी-बढ़पुरा से निर्धारित समय में स्पष्ट व तथ्यात्मक स्पष्टीकरण प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए। साथ ही सभी अभिलेखों को शासनादेशों के अनुरूप अद्यावधिक व व्यवस्थित रखने के लिए चेतावनी दी गई कि लापरवाही की स्थिति में कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
