इटावा सफारी पार्क में जन्मे बब्बर शेर सिंबा और सुल्तान अब नौ साल के हो चुके हैं। अक्टूबर 2016 में बब्बर शेर मनन और जेसिका की पहली मेटिंग से जन्मे इन दोनों शेरों के लिए उपयुक्त शेरनी लाने के प्रयास तेज कर दिए गए हैं।
सफारी पार्क प्रबंधन द्वारा Sakkarbaug Zoological Garden, Rajgir Zoological Safari और Rohtak Zoo से शेरनी लाने के लिए लगातार संपर्क किया जा रहा है। इसी क्रम में राजगीर प्राणि उद्यान के वन्यजीव चिकित्सक ने मार्च के अंतिम सप्ताह में इटावा सफारी पार्क का निरीक्षण भी किया।
इटावा सफारी पार्क के निदेशक डॉ. अनिल कुमार पटेल और वन्यजीव चिकित्सक डॉ. रोबिन यादव ने 2 अप्रैल 2026 को रोहतक प्राणि उद्यान का दौरा किया। वन्यजीव विनिमय के तहत रोहतक से शेरनी ‘सुधा’ को इटावा लाने और बदले में इटावा से ‘विश्वा’ (जो विश्व लायन दिवस 2022 पर जन्मा नर शेर है) को रोहतक भेजने पर सहमति बनती दिखाई दे रही है।
बताया गया कि शेरनी सुधा पहले दो बार शावकों को जन्म दे चुकी है। उसे इटावा लाने से पहले उसके सैंपल Indian Veterinary Research Institute और National Centre for Biological Sciences भेजे जाएंगे, ताकि स्वास्थ्य की पूरी जांच सुनिश्चित की जा सके। इसके बाद Central Zoo Authority, नई दिल्ली से अनुमति मिलने पर ही विनिमय प्रक्रिया पूरी की जाएगी।
इसके अलावा राजगीर प्राणि उद्यान से एक अर्ध-वयस्क नर शेर के विनिमय की भी योजना है, जबकि गुजरात के सक्करबाग जू से शेरनी लाने के लिए भी लगातार पत्राचार जारी है।
सफारी प्रबंधन को उम्मीद है कि जल्द ही सिंबा और सुल्तान के लिए उपयुक्त शेरनी उपलब्ध हो जाएगी, जिससे इटावा सफारी पार्क में बब्बर शेरों की ब्लडलाइन में आवश्यक बदलाव संभव हो सकेगा।
