ईरान के साथ जंग में जल्‍द कूद सकता है यूएई, 42 लाख भारतीयों का है दूसरा घर, दिल्‍ली की बढ़ेगी टेंशन

Share This

दुबई: ईरान और इजरायल-अमेरिका के युद्ध से खाड़ी देश सीधेतौर पर प्रभावित हैं। खासतौर से संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) ईरान के निशाने पर दिखा है। पिछले तीन हफ्तों में ईरान ने यूएई पर 2,200 से ज्यादा मिसाइलें और ड्रोन दागे हैं। यूएई लगातार इसके लिए ईरान पर गुस्सा निकालता रहा है। यूएई ने कई मौकों पर जवाबी हमले का अधिकार सुरक्षित रखने की बात कही है। यूएई अब इससे आगे बढ़ते हुए ईरान पर जवाबी हमले कर सकता है। यानी यूएई भी ईरान के खिलाफ युद्ध में अमेरिका और इजरायल के साथ उतर सकता है।

वॉल स्ट्रीट जर्नल की एक रिपोर्ट के अनुसार, यूएई का सब्र जवाब दे रहा है और वह ईरान के खिलाफ लड़ाई में शामिल हो सकता है। यूएई अगर युद्ध में कूदता है तो इसका भारत पर सीधे असर होगा। भारतीय समुदाय यूएई में सबसे बड़ा प्रवासी समूह है। यूएई में भारत के करीब 42 लाख लोग रहते हैं, जो देश की कुल आबादी का करीब 35 फीसदी है। ऐसे में यूएई में जंग नई दिल्ली की टेंशन बढ़ाएगी।

रिपोर्ट के मुताबिक, यूएई के युद्ध में शामिल होने की अटकलों को इसलिए भी बल मिला है क्योंकि अमेरिका के ईरान पर जमीनी आक्रमण की योजना जोर पकड़ रही है। ईरान का होर्मुज जलडमरूमध्य से नियंत्रण हटाने के लिए अमेरिका ऐसा कर सकता है। अमेरिकी फौज होर्मुज के पास के रणनीतिक द्वीपों पर कब्जा करने की कोशिश कर सकती है। ईरान को शक है कि उस पर जमीनी हमले की शुरुआत यूएई कर सकता है। ओर से शुरू किया जा सकता है। ईरानी अधिकारी यूएई की ओर से जमीनी हमला किया जाने की खुफिया जानकारी मिलने की बात कह रहे हैं। तेहरान को लगता है कि यूएई जमीनी हमले की शुरुआत करेगा और फिर उसकी जमीन से अमेरिकी सैनिक ईरान में प्रवेश करेंगे।

यूएई की ओर से हालिया दिनों में लगातार ऐसे बयान दिए गए हैं, जिनमें ईरान पर हमले की बात कही गई है। हाल ही में अमेरिका में यूएई के राजदूत ने कहा है कि ईरान में केवल युद्धविराम ही काफी नहीं होगा। किसी सीजफायर की बजाय एक निर्णायक परिणाम के लिए जोर दिया जाना चाहिए। ताकि क्षेत्र में शांति सुनिश्चित की जा सके।

यूएई के रणनीतिकार और लेखकों का एक वर्ग भी ईरान पर हमले के इसके समर्थन में आ गया है। विशेषज्ञ और लेखक अमजद ताहा का कहना है कि यूएई और अमेरिका मजबूत साझेदार है। ईरान में इस्लामी शासन के साथ कोई युद्धविराम बिल्कुल नहीं होना चाहिए। आतंकवाद के साथ बातचीत नहीं करके उसे खत्म करना चाहिए।

ईरान और यूएई के संबंध ऐतिहासिक रूप से तनावपूर्ण रहे हैं। इस मनमुटाव की वजह लंबे समय से चले आ रहे क्षेत्रीय विवाद हैं। साल 2020 के अब्राहम समझौते के बाद से यूएई की इजरायल से करीबी बढ़ी है। इसने दोनों देशों में तनाव को और ज्यादा बढ़ा दिया है।

हॉर्मुज स्ट्रेट के पास स्थित रणनीतिक द्वीप अबू मूसा और तुंब पर यूएई और ईरान का विवाद है। ईरान को लगता है कि यूएई मौजूदा संघर्ष का फायदा उठाकर इन द्वीपों पर कब्जा कर सकता है। ईरान की ओर से लगातार कहा जा रहा है कि उसके खिलाफ युद्ध में सक्रिय मदद कर रहा है।

Share This
अपनी खबर या कोई समस्या इटावा लाइव पर निशुल्क प्रकाशित करने हेतु हमें Whatsapp - 7017070200, Email – etawah.news@gmail.com पर जरुर भेंजें।

Read more

वोट करें

हमारा इटावा

जब अंग्रेज युवराज के तमगे लेने से इंकार कि‍या डी0बी0ए0 स्कू‍ल के छात्रों ने

31 जुलाई  1921 ई0 को बम्‍बई  में इंग्‍लैण्‍ड के युवराज के आने की खुशी  में छात्रों  को तमगे  बांटे गये  कि‍न्‍तु इटावा के डी0ए0बी0...

शिक्षाविद

सफल उद्यमी से शिक्षाविद् : अतिवीर सिंह यादव का अनोखा सफ़र

अतिवीर सिंह यादव एक ऐसे प्रख्यात व्यक्तित्व हैं, जिन्होंने परिश्रम और संघर्ष से शिक्षा के क्षेत्र में अपना नाम रोशन किया हैं। अतिवीर सिंह...

राजनीतिज्ञ

एक जीत से बलराम सिंह को मि‍ली थी प्रसि‍द्ध

केन्‍द्र एंव उत्‍तर प्रदेश मे मंत्री रह चुके बलराम सिंह यादव  (कांग्रेस) के राजनीति‍क जीवन का स्‍वर्णिम अवसर था 1980 का जसवंतनगर वि‍धानसभा चुनाव,...

प्रशासनिक अधिकारी

संकट प्रबंधन में माहिर SSP इटावा ब्रजेश कुमार श्रीवास्तव (IPS)

ब्रजेश कुमार श्रीवास्तव भारतीय पुलिस सेवा के उन अधिकारियों में गिने जाते हैं जिन्होंने अपनी लगन, मेहनत और ईमानदारी से सेवा में विशेष पहचान...

प्रमुख संस्थान

पृथ्वी द्वार: इटावा में प्रीमियम गुणवत्ता के दरवाजे

पृथ्वी द्वार एक ऐसा नाम है जो प्रीमियम गुणवत्ता और विश्वास का पर्याय बन चुका है। अपनी अद्वितीय तकनीक और उत्कृष्ट निर्माण के कारण,...

चिकित्सक

डॉ आनंद सिंह कुशवाहा : बेहतरीन चिकित्सक, पर्यावरण के सरंक्षक और क्रिकेट प्रेमी

डॉ आनंद सिंह कुशवाहा, चिकित्सा अधीक्षक जिला पुलिस चिकित्सालय इटावा, का जन्म 6 जुलाई 1984 को हुआ। उनके पिता का नाम श्री सर्वेश कुशवाहा...

चर्चित व्यक्तिव

‘लपेटे में नेताजी’ से देश के घर-घर तक पहुँची कवि अवनीश त्रिपाठी की आवाज

इटावा की धरती ने समय-समय पर ऐसी प्रतिभाओं को जन्म दिया है, जिन्होंने अपनी मेहनत, प्रतिभा और समर्पण के बल पर राष्ट्रीय स्तर पर...

पत्रकार

वहाज अली खान “निहाल”: एक सकारात्मक पत्रकार जिसे इटावा से प्रेम है

जनपद इटावा में निहाल पत्रकारिता के क्षेत्र में एक बहुत चर्चित नाम है निहाल का पूरा नाम वहाज अली खान उर्फ निहाल है। निहाल...

टॉप आर्टिकल्स

शरद तिवारी की अनमोल सेवा, लावारिस शवों को दिलाई गरिमामयी विदाई

शरद तिवारी: एक समर्पित समाजसेवी इटावा में शरद तिवारी का नाम समाज सेवा और मानवता के प्रति उनके अभूतपूर्व योगदान के लिए जाना जाता है।...

व्यवसायी

सर्वेश यादव : एक समर्पित समाजसेवी और सुरक्षा एजेंसी के प्रबंधक

सर्वेश यादव, जनपद इटावा ही नहीं पूरे प्रदेश की सबसे भरोसेमंद सिक्योरिटी एजेंसी "एस.के. ग्रुप ऑफ सिक्योरिटी सर्विस" के प्रबंधक हैं। वे एक व्यवहार...

समाजसेवी

शरद तिवारी की अनमोल सेवा, लावारिस शवों को दिलाई गरिमामयी विदाई

शरद तिवारी: एक समर्पित समाजसेवी इटावा में शरद तिवारी का नाम समाज सेवा और मानवता के प्रति उनके अभूतपूर्व योगदान के लिए जाना जाता है।...

पूर्व अधिकारी

अभिनव रंजन श्रीवास्तव एक प्रभावी प्रशासनिक अधिकारी और कुशल टीम प्रबंधक

उत्तर प्रदेश की प्रशासनिक सेवा में अपनी कड़ी मेहनत और उत्कृष्ट प्रदर्शन से पहचान बनाने वाले इटावा के अपर जिलाधिकारी अभिनव रंजन श्रीवास्तव आज...