रत्नागिरी। भारत की समुद्री सुरक्षा को और सशक्त बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए छह नेक्स्ट जेनरेशन ऑफशोर पेट्रोल वेसल्स (ओपीवी) श्रृंखला के दूसरे और तीसरे पोत—यार्ड 16402 और 16403—का निर्माण समारोह 17 मार्च 2026 को मेसर्स वाईएमपीएल, रत्नागिरी में आयोजित किया गया।
इन अत्याधुनिक पोतों को आधुनिक तकनीक और उन्नत क्षमताओं से लैस किया जा रहा है। लगभग 5,000 समुद्री मील की रेंज वाले ये पोत 23 समुद्री मील की अधिकतम गति हासिल करने में सक्षम होंगे। 117 मीटर लंबे इन पोतों में 11 अधिकारियों और 110 जवानों के लिए आवास की व्यवस्था होगी।

पोतों में अत्याधुनिक तकनीकी प्रणालियां शामिल की जा रही हैं, जिनमें एआई आधारित पूर्वानुमानित रखरखाव प्रणाली, रिमोट पायलटेड ड्रोन, एकीकृत ब्रिज सिस्टम (आईबीएस) और एकीकृत प्लेटफॉर्म प्रबंधन प्रणाली (आईपीएमएस) प्रमुख हैं। ये सभी सुविधाएं पोतों की कार्यक्षमता और सुरक्षा को नई ऊंचाई प्रदान करेंगी।
यह परियोजना मझगांव डॉक शिपबिल्डर्स लिमिटेड द्वारा ‘बाय (इंडियन-आईडीडीएम)’ श्रेणी के तहत स्वदेशी रूप से डिजाइन, विकसित और निर्मित की जा रही है, जो आत्मनिर्भर भारत अभियान के अनुरूप है। इन छह पोतों के निर्माण का अनुबंध 20 दिसंबर 2023 को संपन्न हुआ था।
यह पहल भारतीय तटरक्षक बल की परिचालन क्षमताओं को बढ़ाने और तटीय सुरक्षा को और मजबूत करने के प्रयासों में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि मानी जा रही है। नए बेड़े के शामिल होने से भारत के समुद्री हितों की सुरक्षा और निगरानी में और मजबूती आएगी।
इस अवसर पर आयोजित समारोह की अध्यक्षता आईजी सुधीर साहनी, टीएम, डीडीजी (एम एंड एम) ने की। कार्यक्रम में भारतीय तटरक्षक बल और एमडीएल के कई वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
