यशीनगर। 20 फरवरी को मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) के तीन दिवसीय प्रशिक्षण शिविर का शुभारंभ किया गया। शिविर का उद्घाटन करते हुए माकपा की वरिष्ठ नेत्री एवं पूर्व सांसद सुभाषिणी अली ने कहा कि समाज में गैर-बराबरी, छुआछूत और शोषण की समस्या बहुत गहराई तक फैली हुई है।
उन्होंने कहा कि पूंजीवादी और सामंती व्यवस्था को बचाने के लिए उनके नेता समाज में धर्म और जाति के नाम पर, स्त्री–पुरुष के भेद के नाम पर तथा दलित और पिछड़े वर्गों के अलग-अलग हिस्सों के नाम पर विभाजन की रेखा को और तीखा करते रहे हैं। इसके कारण समाज बंटा रहता है और लूट, शोषण तथा भय का शिकार बनता है। जो कोई साहस जुटाकर इसके खिलाफ लड़ना चाहता है, उसकी आवाज को दबा दिया जाता है।

सुभाषिणी अली ने आगे कहा कि जिन लोगों का शोषण हो रहा है और जो असमानता के शिकार हैं, उनकी संख्या बहुत अधिक है। यदि वे एकजुट हों तो समाज से इन बुराइयों को मिटाया जा सकता है। लेकिन बंटे होने के कारण वे कु-प्रथाओं से लड़ने में स्वयं को कमजोर महसूस करते हैं, जबकि यह सच नहीं है। उन्होंने कहा कि जाति व्यवस्था, स्त्री–पुरुष भेदभाव और सामाजिक विभाजन सदियों से चले आ रहे हैं, इसलिए इन्हें समाप्त करना आसान नहीं है, परंतु इन्हें मिटाए बिना शोषण और जाति–धर्म–लिंग के नाम पर चल रही गैर-बराबरी को खत्म नहीं किया जा सकता।
शिविर के दूसरे सत्र में पार्टी के राज्य सचिव रविशंकर मिश्र ने कहा कि जनवाद के अधूरे कार्यों को पूरा करने का दायित्व पार्टी और जनता के जनवादी मोर्चे के निर्माण के माध्यम से निभाया जाएगा। उन्होंने कहा कि आज लोकतंत्र पर सीधा हमला हो रहा है, ऐसे में संविधान और लोकतंत्र की रक्षा के लिए समग्र प्रयास आवश्यक हैं।

कार्यक्रम के दोनों सत्रों की अध्यक्षता माकपा जिलामंत्री एन.आर. यादव ने की, जबकि संचालन अमर सिंह शाक्य ने किया। इस अवसर पर माकपा राज्य मंत्री परिषद सदस्य कामरेड मुकुट सिंह भी उपस्थित रहे।
