लालपुरा जैन मंदिर में 12 से 19 फरवरी तक पच्चीस मंडलीय सिद्ध चक्र महामंडल विधान
इटावा। शहर के श्री पारसनाथ दिगंबर जैन मंदिर, लालपुरा में तपस्वी सम्राट आचार्य श्री 108 सन्मति सागर महाराज जी के अंतिम शिष्य आचार्य श्री 108 सुबल सागर महाराज जी के सान्निध्य में 12 फरवरी से 19 फरवरी तक आयोजित होने वाले पच्चीस मंडलीय सिद्ध चक्र महामंडल विधान के संबंध में बुधवार को एक प्रेसवार्ता आयोजित की गई। इस दौरान आचार्य श्री ने कार्यक्रम की विस्तृत जानकारी दी।

प्रेसवार्ता में आचार्य श्री सुबल सागर महाराज जी ने बताया कि इस महामंडल विधान में सिद्ध परमेष्ठी भगवान की विशेष आराधना की जाएगी। उन्होंने कहा कि सिद्धों की भक्ति एवं आराधना से संचित अशुभ कर्मों का क्षय होता है और आत्मा की शुद्धि का मार्ग प्रशस्त होता है। जैन धर्म के मूल सिद्धांतों पर प्रकाश डालते हुए उन्होंने अहिंसा, सत्य, अचौर्य, ब्रह्मचर्य और अपरिग्रह जैसे पांच महाव्रतों को जीवन में धारण करने का संदेश दिया।
जैन समाज अध्यक्ष संजू जैन ‘ठेकेदार’ ने बताया कि कार्यक्रम का शुभारंभ गुरुवार प्रातः भव्य घट यात्रा के साथ होगा, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के शामिल होने की संभावना है। उन्होंने समाज के सभी लोगों से अधिक से अधिक संख्या में सहभागिता की अपील की।
प्रेसवार्ता के दौरान यह भी जानकारी दी गई कि बरासो में मुनि श्री सुबल सागर महाराज के निर्देशन में 414 फुट ऊंचे सुमेरु पर्वत का निर्माण प्रस्तावित है। इसके साथ ही 51 फुट ऊंची पद्मासन मुद्रा में भगवान की भव्य प्रतिमा की स्थापना भी की जाएगी, जो क्षेत्र के लिए आस्था का प्रमुख केंद्र बनेगी।
इस अवसर पर कार्यक्रम से संबंधित पत्रिका का विमोचन भी किया गया। प्रेसवार्ता में चक्रेश जैन, महावीर जैन, सोनू जैन, पीयूष जैन, सौरव जैन, बंटी जैन, वैभव जैन, चिंटू जैन, भोलू जैन सहित श्री दिगंबर जैन साधु सेवा समिति के सदस्य एवं समाज के अन्य गणमान्य लोग उपस्थित रहे।
