इटावा, 07 फरवरी 2026।
जिलाधिकारी शुभ्रान्त कुमार शुक्ल की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट स्थित नवीन सभागार में जिला स्वास्थ्य समिति की शासी बैठक आयोजित की गई। बैठक में स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ करने, मातृ-शिशु स्वास्थ्य, परिवार नियोजन एवं विभिन्न राष्ट्रीय स्वास्थ्य कार्यक्रमों की प्रगति की समीक्षा की गई।
जिलाधिकारी ने ग्रामीण क्षेत्रों में आशा कार्यकर्ताओं के चयन, परिवार नियोजन के अंतर्गत महिला एवं पुरुष नसबंदी के प्रति जन-जागरूकता बढ़ाने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि जहां नसबंदी के केस कम हैं, वहां विशेष सुधारात्मक प्रयास किए जाएं। साथ ही इंट्रा इंजेक्शन की प्रगति के लिए अवेयरनेस एजुकेशन पर कार्य करते हुए पार्टनर एजेंसियों का भी सहयोग लिया जाए।

संस्थागत प्रसव को बढ़ावा देने पर बल देते हुए जिलाधिकारी ने कहा कि यदि सरकारी अस्पतालों में सेवाएं अच्छी, विश्वसनीय और सुरक्षित होंगी तो लोग स्वतः वहां आएंगे। उन्होंने ओटी की स्वच्छता, बेहतर केयर व्यवस्था तथा डिलीवरी रूम और वार्ड को साफ-सुथरा रखने के निर्देश दिए।
गंभीर एनीमिया के मामलों पर चिंता जताते हुए जिलाधिकारी ने फील्ड वर्कर्स को प्रोत्साहित करने, आयरन सप्लीमेंट बढ़ाने और गर्भवती महिलाओं को समय से आयरन टैबलेट उपलब्ध कराने पर विशेष फोकस करने को कहा। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान प्रत्येक माह की 9, 16 एवं 24 तारीख को आयोजित किया जाएगा।
राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम के तहत विद्यालयों एवं आंगनबाड़ी केंद्रों में शत-प्रतिशत बच्चों की उपस्थिति सुनिश्चित करने, व्यापक प्रचार-प्रसार करने तथा पाई गई डिफिशिएंसी को दूर करने के निर्देश दिए। साथ ही स्वच्छता पर विशेष ध्यान देने को कहा।

जिलाधिकारी ने सभी आयुष्मान आरोग्य मंदिरों में बिजली, पानी की उपलब्धता सुनिश्चित करने, आवश्यक उपकरण जैसे बीपी मशीन और ग्लूकोमीटर उपलब्ध कराने तथा सीएचओ की नियमित उपस्थिति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
टीबी उन्मूलन कार्यक्रम की समीक्षा करते हुए उन्होंने कहा कि नोटिफिकेशन कम होने का मुख्य कारण सैंपलिंग की कमी है। सैंपलिंग बढ़ाने से ही नोटिफिकेशन बढ़ेगा, जिससे प्रधानमंत्री के टीबी मुक्त भारत के संकल्प को साकार किया जा सकेगा।
उन्होंने निर्देश दिए कि सभी सीएससी को एनक्यूएएस (NQAS) सर्टिफाइड किया जाए तथा स्वास्थ्य सुविधाओं की गुणवत्ता पर विशेष फोकस रखा जाए। इसके अलावा 5 से 10 वर्ष के बच्चों को मिज़ल्स एवं रूबेला टीकाकरण पर विशेष जोर देते हुए कहा कि सभी स्कूलों में वैक्सीन डे पर शत-प्रतिशत बच्चों की उपस्थिति सुनिश्चित की जाए और टीकाकरण से पूर्व अभिभावकों को इसकी जानकारी दी जाए।
बैठक में जिला विद्यालय निरीक्षक अतुल सिंह, जिला पंचायत राज अधिकारी बनवारी सिंह, सीएमएस महिला, सीएमएस पुरुष, समस्त एमओआईसी सहित संबंधित अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।
