आचार्य आदिसागर अंकलीकर इंटर कॉलेज में मंगलवार को आचार्य सुनील सागर जी महाराज का अवतरण दिवस धार्मिक उत्साह और हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। इस अवसर पर विद्यालय परिसर में भक्ति, श्रद्धा और अध्यात्म से ओतप्रोत वातावरण देखने को मिला।
कार्यक्रम में विद्यालय के प्रबंधक विष्णु कुमार ने छात्र-छात्राओं को संबोधित करते हुए आचार्य सुनील सागर जी महाराज के जीवन और उपदेशों पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि आचार्य आदिसागर जी अंकलीकर के चतुर्थ पट्टाचार्य सुनील सागर जी का जन्म अतिशय क्षेत्र तिगोड़ा, जिला सागर में हुआ था। उनके पिता का नाम भागचंद जैन और माता का नाम मुन्नी देवी था।
प्रबंधक विष्णु कुमार ने कहा कि आचार्य सुनील सागर जी महाराज एक दिगंबर मुनिराज हैं, जो अपने अनुयायियों के बीच “उपसर्ग विजेता” और “चतुर्थ पट्टाधीश” के रूप में प्रसिद्ध हैं। उन्होंने अपने प्रवचनों में हमेशा मन को त्यागी और शुद्ध रखने का संदेश दिया है। उनके अनुसार, भौतिक वस्तुओं के प्रति आसक्ति छोड़कर आत्मशुद्धि की ओर अग्रसर होना ही सच्चा धर्म है।
उन्होंने यह भी कहा कि आचार्य जी सदैव शिक्षा के महत्व पर बल देते हैं, क्योंकि उनके अनुसार “शिक्षित समाज ही एक सशक्त और सुदृढ़ राष्ट्र का निर्माण कर सकता है।”
इस पावन अवसर पर विद्यालय परिवार द्वारा जिला चिकित्सालय इटावा एवं दिव्यांग बच्चों के विद्यालय में फल और बिस्कुट का वितरण कर सेवा और समर्पण का संदेश दिया गया।
