लखना/बकेवर:- लखना के ऐतिहासिक कालिका देवी मंदिर में शनिवार को हजारों श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। शुक्रवार रात से ही दूर-दराज के क्षेत्रों से आए भक्तों ने मंदिर परिसर में डेरा डाल दिया था। सुबह कपाट खुलते ही भक्तों ने पूजा-अर्चना शुरू कर दी, जो दिन भर जारी रही। इस दौरान बाईपास पर भारी जाम की स्थिति भी बनी रही।
दिन भर श्रद्धालु पैदल चलकर मां के दरबार में मत्था टेकते रहे। झंडा और घंटा चढ़ाने का सिलसिला भी लगातार चलता रहा। नवविवाहित जोड़ों ने भी मंदिर पहुंचकर पूजा-अर्चना की। मंदिर और लखना-बकेवर मार्ग पर दिन भर भारी भीड़ देखी गई।
सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने के लिए थानाध्यक्ष बकेवर विपिन मलिक मंदिर के अंदर और गेट पर पुलिस बल के साथ मौजूद रहे। महिला आरक्षियों के साथ उन्होंने लाउडस्पीकर से महिलाओं को चोर-उचक्कों से सावधान रहने की घोषणा भी की।

बाईपास तिराहे पर चार पहिया वाहनों की आवाजाही के कारण भारी जाम लग गया। थानाध्यक्ष भरेह जगदीश भाटी और अन्य थानों से आए पुलिस बल को सुरक्षा व्यवस्था का जिम्मा सौंपा गया था। उन्होंने दिन भर कड़ी मशक्कत करते हुए जाम खुलवाने का प्रयास किया।
लवेदी थानाध्यक्ष प्रीति सेंगर भी पुलिस आरक्षियों के साथ मंदिर परिसर के आसपास तैनात रहीं। पक्का तालाब पर पुलिस बल के साथ आपदा प्रबंधन की एसडीआरएफ टीम भी मुस्तैदी से डटी रही। दिन भर भक्तों का तालाब में स्नान करने का तांता लगा रहा। मान्यता है कि कालिका मंदिर में मनौती पूरी होने पर पूजा से पहले तालाब में आचमन या स्नान करना आवश्यक होता है।
मंदिर परिसर में अत्यधिक भीड़ होने पर भक्तों को बाहर निकालने के लिए बड़े अहाते से रास्ता बनाया गया था। लखना चौकी इंचार्ज स्वदेश कुमार ने पूरे मंदिर परिसर, बाईपास तिराहे, तालाब, मंदिर निकासी गेट और अन्य बैरियरों पर पुलिस बल की व्यवस्था सुनिश्चित की। नगर पंचायत बकेवर और लखना द्वारा दूर-दराज से आ रहे श्रद्धालुओं के लिए मेला परिसर में पेयजल आपूर्ति हेतु टैंकर भी लगाए गए थे।
