पीसीसी सदस्य प्रशांत तिवारी, जिलाध्यक्ष आशुतोष दीक्षित, शहर अध्यक्ष मोहम्मद राशिद के साथ ही मलखान सिंह यादव, पल्लव दुबे, कोमल सिंह कुशवाह, विपिन कुशवाह, अमित त्रिपाठी और आशिफ जदरान की रिहाई हुई।

कांग्रेसजनों का कहना है कि साथियों का यह जज्बा इस बात का प्रमाण है कि कांग्रेस की आवाज को जेल की दीवारें भी रोक नहीं सकतीं। नेताओं ने कहा कि संघर्ष अभी जारी है और अंततः जीत कांग्रेस की ही होगी।

सेंट्रल जेल से कांग्रेस नेताओं एवं कार्यकर्ताओं की रिहाई के बाद पार्टीजनों में उत्साह का माहौल देखने को मिला। रिहाई के बाद कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने नारेबाजी कर जेल के बाहर जोश दिखाया और लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा के लिए आंदोलन जारी रखने का संकल्प लिया।
