जिसे मां ने बड़े नाजों से पाला, उसी संतान ने उसे दुत्कार दिया। मानसिक रोग से पीड़ित एक वृद्धा को जब रेलवे स्टेशन के पास घायल अवस्था में पाया गया, तो समाजसेवियों ने उसे अस्पताल पहुंचाया। लेकिन जब परिवार को सूचना दी गई, तो उन्होंने अपनी ही मां को अपनाने से इंकार कर दिया। घटना 27 फरवरी की है, जब मध्य प्रदेश के भिंड जिले के नया गांव थाना क्षेत्र के नवलपुर गांव की रहने वाली शीला देवी रेलवे स्टेशन के पास गंभीर रूप से घायल अवस्था में मिलीं। स्थानीय लोगों की सूचना पर रक्तदाता समूह के सदस्यों ने उन्हें जिला अस्पताल में भर्ती कराया।
इलाज के दौरान डॉक्टरों को पता चला कि शीला देवी मानसिक रूप से अस्वस्थ हैं। जब परिवार के लोगों को इस बारे में जानकारी दी गई, तो उन्होंने उन्हें अपने साथ ले जाने से इंकार कर दिया। यह सुनकर सामाजिक कार्यकर्ताओं को गहरा आघात लगा। बाद में रक्तदाता समूह के सदस्यों ने महिला की बेटी और दामाद से संपर्क किया। काफी समझाने के बाद बेटी को मां को अपने साथ ले जाने के लिए तैयार किया गया। इस घटना ने समाज के उस क्रूर चेहरे को उजागर किया, जहां माता-पिता का दर्द संतान नहीं समझती।
