हास्यास्पद रूप से नगर पालिका द्वारा मालिन बस्ती घोषित किए गए सती मोहल्ले के दर्जनों नागरिक एक बार फिर सोमवार को जिलाधिकारी अवनीश रॉय से मिलने पहुंचे। उन्होंने अपनी समस्याओं से अवगत कराया, जिस पर डीएम ने गंभीरता से सुनवाई कर शीघ्र समाधान का आश्वासन दिया।

यह मामला साईं उत्सव गार्डन नामक मैरिज होम से जुड़ा है, जो पिछले कई दशकों से चर्चा में रहा है। नागरिकों के अनुसार, केके इंटर कॉलेज के सामने स्थित इस गली की सरकारी नजूल भूमि पर दबंगई से अतिक्रमण किया गया है, जिससे 25 फीट चौड़ी गली सिमटकर 10-12 फीट रह गई है, और कुछ स्थानों पर मात्र 6-7 फीट ही बची है।

स्थानीय नागरिकों ने बताया कि मैरिज होम के पास पर्याप्त पार्किंग उपलब्ध है, लेकिन उसे किराए पर दिया गया है। शादी-बारात के समय गली के प्रवेश द्वार पर गाड़ियों की लाइन लग जाती है, बैंड-बाजे और नाच-गाने से घंटों जाम की स्थिति बनी रहती है। इसके चलते मुहल्लेवासियों को अपने वाहन निकालने में मुश्किल होती है, और बीमार व्यक्तियों को अस्पताल ले जाने में भी देरी होती है। कई बार शिकायत करने पर झगड़े और मारपीट की नौबत आ जाती है।

स्थानीय निवासियों ने यह भी बताया कि मैरिज होम से बचा हुआ भोजन और कचरा गली में फेंका जाता है, जिससे बदबू, गंदगी और मच्छरों का प्रकोप बढ़ रहा है। इससे डेंगू, मलेरिया और अन्य बीमारियों का खतरा बना रहता है।
नागरिकों का आरोप है कि रात 1-2 बजे तक सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के विपरीत डीजे बजाया जाता है, जिससे बुजुर्गों, मरीजों और विद्यार्थियों को काफी परेशानी होती है। छोटे बच्चे भी अशोभनीय गानों को सुनकर दोहराने लगे हैं, जिससे सांस्कृतिक प्रदूषण फैल रहा है। नागरिकों का कहना है कि बार-बार शिकायत दर्ज कराने के बावजूद प्रशासन कोई ठोस कार्रवाई नहीं करता। बिना कानूनी अनुमति के बाउंड्री वॉल पर नए गेट बना दिए जाते हैं, जिससे दबंग पूंजीपति के हौसले बुलंद होते जा रहे हैं। पूर्व में सिटी मजिस्ट्रेट ने कार्य रुकवाया था, लेकिन फिर भी गेट लगा दिया गया।

स्थानीय नागरिकों ने बताया कि दो साल पहले प्रभारी मंत्री ने भी मौके का निरीक्षण कर उचित कार्रवाई के निर्देश दिए थे, लेकिन आज तक न तो गली को चौड़ा किया गया और न ही अतिक्रमण हटाया गया। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर इस बार भी कोई समाधान नहीं हुआ, तो मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के दरबार में फरियाद लगाई जाएगी और हाई कोर्ट में जनहित याचिका दाखिल की जाएगी। आवश्यकता पड़ने पर कचहरी पर धरना भी दिया जाएगा।

डीएम को शिकायती पत्र सौंपने वालों में नेक सिंह कुशवाह, विनोद कुमार, शिव प्रकाश श्रीवास्तव, जयवीर सिंह तोमर, रामपाल सिंह भदौरिया, कृष्ण मनोहर दीक्षित, योगेंद्र प्रताप सिंह, आशीष बाथम, शंकर जादौन, संजीव कुमार, अमन कुशवाह सहित अन्य नागरिक शामिल थे। इन लोगों ने मीडिया को बताया कि पिछले कई वर्षों से यह समस्या बनी हुई है, लेकिन अब इसे हल करवाने के लिए हरसंभव प्रयास किया जाएगा।
