बकाया बिजली बिल जमा न करने वाले उपभोक्ताओं को राहत देने और विभाग की बकाया रकम वसूलने के लिए मुफ्त समाधान योजना (ओटीएस) लागू की गई थी। इस योजना के तहत उपभोक्ताओं को ब्याज में छूट देकर बकाया बिल जमा करने का अवसर दिया गया, लेकिन उम्मीद के विपरीत उपभोक्ताओं ने इसमें ज्यादा रुचि नहीं दिखाई।
बिजली विभाग को उम्मीद थी कि इस योजना में बड़ी संख्या में उपभोक्ता रजिस्ट्रेशन कराएंगे, जिससे विभाग को बकाया राशि प्राप्त होगी। हालांकि, ढाई महीने तक चली इस योजना में महज 5.50 करोड़ रुपये ही जमा हो सके, जो विभाग की अपेक्षा से काफी कम रहा।
इस योजना के तहत सिर्फ शहरी क्षेत्र में 25,693 उपभोक्ताओं को चिन्हित किया गया था, जो ओटीएस योजना में शामिल होने के पात्र थे। इनमें से आधे से भी कम उपभोक्ताओं ने रजिस्ट्रेशन कराया और अपना बिल जमा किया। जबकि बड़ी संख्या में बकाएदारों ने योजना का लाभ उठाने में कोई दिलचस्पी नहीं दिखाई।
बिजली विभाग के अधिकारियों का कहना है कि बकाएदारों को राहत देने के उद्देश्य से योजना चलाई गई थी, लेकिन जिस तरह से उपभोक्ताओं ने इसमें भाग नहीं लिया, उससे विभाग को उम्मीद के मुताबिक परिणाम नहीं मिल सके। विभाग अब उन उपभोक्ताओं के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने की तैयारी कर रहा है, जिन्होंने अब भी अपना बिल जमा नहीं किया है।
बिजली विभाग की ओर से अब बकाया राशि की वसूली के लिए अन्य कदम उठाने की रणनीति बनाई जा रही है। अधिकारियों ने उपभोक्ताओं से अपील की है कि वे समय पर अपना बिजली बिल जमा करें, ताकि किसी भी प्रकार की दिक्कतों से बचा जा सके और विभाग को भी आर्थिक संतुलन बनाए रखने में मदद मिले।
