शहर के केके डिग्री कॉलेज उप डाकघर में तैनात रही निलंबित उप डाकपाल मंजू गौतम के खिलाफ डाक अधीक्षक ने धोखाधड़ी और हेराफेरी के जरिए 23 लाख 79 हजार 858 रुपये के गबन का मुकदमा दर्ज कराया है। यह मामला कोतवाली सदर में दर्ज किया गया है और पुलिस ने जांच शुरू कर दी है।
अधीक्षक डाकघर मंडल इटावा, चंद्र शेखर सिंह बरुआ ने बताया कि पत्ता बाग निवासी मंजू गौतम उप डाकपाल के पद पर तैनात थीं। विभागीय जांच में खुलासा हुआ कि 10 अगस्त 2021 से 30 मई 2024 के बीच मंजू गौतम ने अपने कार्यकाल के दौरान फर्जीवाड़ा और धोखाधड़ी के जरिए भारी राशि का गबन किया। जांच में पाया गया कि उन्होंने पीएलआई स्कीम के तहत 7 लाख 11 हजार 961 रुपये और उप डाकघर में जमा कराए गए 16 लाख 67 हजार 857 रुपये, यानी कुल 23 लाख 79 हजार 858 रुपये की हेराफेरी की, जिससे विभाग को बड़ा आर्थिक नुकसान हुआ।
इसके बाद डाक अधीक्षक ने मंजू गौतम के खिलाफ कोतवाली सदर में मुकदमा दर्ज कराया। पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच शुरू कर दी है। जांच के दौरान गबन के तरीकों और अन्य संभावित संलिप्तता की भी पड़ताल की जा रही है। इस घटना से डाक विभाग में हड़कंप मच गया है।
