जिला बार एसोसिएशन और सिविल बार एसोसिएशन के वकीलों ने मंगलवार को न्यायिक कार्य से विरत रहकर शांतिपूर्ण प्रदर्शन किया। अधिवक्ताओं ने जिला जज और जिलाधिकारी को 15 सूत्रीय मांगों का ज्ञापन सौंपते हुए न्यायालय में व्याप्त अव्यवस्थाओं और सरकारी अधिवक्ताओं पर गंभीर आरोप लगाए।
न्यायालय में कार्यरत सरकारी अधिवक्ता, बाबू और क्लर्क रिश्वतखोरी में लिप्त हैं। कुछ बाबू वर्षों से एक ही कोर्ट में कार्यरत हैं और मनमानी वसूली कर रहे हैं। जुर्माने की राशि ज्यादा ली जाती है, लेकिन रसीद कम रकम की दी जाती है, जिससे न्याय प्रक्रिया प्रभावित हो रही है।
अधिवक्ताओं ने अपनी सुरक्षा को लेकर एडवोकेट प्रोटेक्शन एक्ट को तत्काल लागू करने की मांग की। इसके अलावा, कचहरी परिसर में पेयजल, शौचालय और सफाई व्यवस्था को दुरुस्त करने की भी आवश्यकता जताई। वकीलों ने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगें जल्द पूरी नहीं की गईं, तो वे बड़े आंदोलन के लिए बाध्य होंगे। इस प्रदर्शन में देवेन्द्र पाल सिंह, हंसमुखी शंखवार, देवेन्द्र सिंह कुशवाह, मनोज कुमार, अश्वनी सिंह, नेहा सिंह, अनिल वर्मा, नदीम अहमद, रैपी भदौरिया और योगेश सहित कई अधिवक्ता शामिल रहे।
