ताखा के कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय में बालिकाओं को महीनों से पौष्टिक आहार दूध नहीं मिलने की खबर मीडिया में आईं तो आलाधिकारियों ने अपनी कमियों को छिपाने के लिए दूध वितरण न होने की गाज प्रभारी होस्टल वार्डन पर डालकर होस्टल वार्डन का प्रभार ही छीन लिया,जबकि होस्टल वार्डन ने बिल का भुगतान न होने पर दो माह में तीन बार पत्र भेजकर दूध वितरण नहीं हो पाने की जानकारी भी दी थी इसके बाद भी अधिकारियों की लापरवाही से बालिकाओं को पौष्टिक आहार दूध नहीं मिल सका है।
ताखा के कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालय में दूध का वितरण बिलों के भुगतान नहीं होने को लेकर प्रभारी होस्टल वार्डन ज्योत्स्ना ने दिसंबर, जनवरी और फरवरी माह में अधिकारियों को पत्र भेजकर दूध वितरण नहीं हो पाने की जानकारी दी थी इसके बाद भी दूध वितरण का भुगतान नहीं किया गया। अब जब इस मामले की जानकारी सार्वजनिक हो गयी तो करें कोई भरे कोई के तहत ठीकरा होस्टल वार्डन पर डालकर जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी डा राजेश कुमार ने होस्टल वार्डन ज्योत्स्ना से प्रभार हटाकर एक अन्य शिक्षिका अनीशा को होस्टल वार्डन का प्रभार दिया गया है। हालांकि होस्टल वार्डन को हटाने में विद्यालय की अन्य शिक्षिकायों से तालमेल बताया है लेकिन वार्डन का हटाया जाना दूध वितरण का मामला सार्वजनिक होने से ही जोड़ा जा रहा है।इसके बाद भी गुरुवार और शुक्रवार को दूध का वितरण नहीं किया गया। इस सम्बन्ध में दूध की आपूर्ति देने वाले दुकानदार सचिन गुप्ता का कहना है कि उन्हें नगद भुगतान का कहा गया था उनकी छोटी सी दुकान है 44 हजार रुपए बकाया भुगतान न होने से उनकी दुकान ही प्रभावित हो रही है। वहीं इस सम्बन्ध में बालिका शिक्षा समन्वयक विकास सक्सेना ने बताया कि 5 लीटर दूध गुरुवार को भेजा गया था। दूध का वितरण सुचारू रूप से हो सके इसके लिए प्रयास किए जा रहे हैं।इस संबध मे डीसी बालिका विकास सक्सेना ने बताया हास्टल वार्डन को पदमुक्त कर दूसरी शिक्षिका को चार्ज दिया गया है दूध वितरण कराने के लिए प्रयास किया जा रहा है
कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालय में रसोईया भी नहीं है। एकमात्र रसोईया पर इस समय समस्त बालिकाओं के खाने की जिम्मेदारी है। विद्यालय में कार्यरत तीन रसोईयों में से दो अवकाश पर हैं। ऐसे में व्यवस्था बनाए रखने के लिए कम्पोजिट विद्यालय मोहरी की रसोईयों को लगाया गया है जिससे वहां के मोहरी के विद्यालय में मिड-डे मील व्यवस्था प्रभावित हो रही है । पूर्व में कार्यरत रही रसोईया सीनू ने 5 माह का भुगतान नहीं होने से विद्यालय में काम करना बंद कर दिया था जिलाधिकारी को भुगतान नहीं होने का प्रार्थना पत्र भी दिया था तब अधिकारियों ने आगे भुगतान करने की कहकर चुप करा दिया था परंतु भुगतान आज तक नहीं किया गया। इस सम्बन्ध में सीनू ने बताया कि उनका भुगतान आजतक नहीं किया गया। दो रसोइया छुट्टी पर है फिलहाल वैकल्पिक व्यवस्था कर एक रसोइया को अटैच किया गया है