निवाड़ी कलां। एक निजी अस्पताल में प्रसव के दौरान स्वजन की ओर से संतान न चाहने की वजह से नसबंदी करने की मांग की गई, जिसके बाद महिला का गर्भाशय निकाल दिया गया। यह मामला उस समय सामने आया जब बकेवर के नगला पलटू निवासी प्रमोद अपनी पत्नी सुनीति को प्रसव पीड़ा होने पर शहर के भरथना चौराहे के पास स्थित एक निजी अस्पताल में भर्ती कराने लाए थे। महिला के ऑपरेशन के दौरान स्वजन ने चिकित्सकों से परिवार नियोजन के तहत नसबंदी करने की सलाह दी थी, लेकिन इसके बजाय महिला का गर्भाशय ही निकाल दिया गया।
यह मामला तब सामने आया जब महिला के स्वजन ने अस्पताल के खिलाफ शिकायत की और जिलाधिकारी अवनीश राय से मामले की जांच की मांग की। पीड़ित परिवार ने आरोप लगाया कि अस्पताल में बिना उनकी अनुमति के महिला का गर्भाशय निकाल दिया गया, जो एक गंभीर लापरवाही और चिकित्सकीय कदाचार का मामला है। प्रमोद और उनकी पत्नी सुनीति ने बताया कि उनका यह दूसरा बच्चा था और पहली बार भी उनका प्रसव सर्जरी के जरिए हुआ था, इसलिए उन्होंने परिवार नियोजन के लिए नसबंदी करने की सलाह दी थी, लेकिन अस्पताल प्रशासन ने बिना किसी पूर्व सूचना और अनुमति के गर्भाशय निकाल दिया।