चकरनगर। विश्व वेटलैंड दिवस के अवसर पर चकरनगर के ऐतिहासिक भरेह संगम पर एक विशेष बर्ड फेस्टिवल का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का नेतृत्व रेंजर कोटेश त्यागी ने किया, जिसकी शुरुआत भरेह वन विश्राम गृह से हुई। इस अवसर पर वन विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया।
कार्यक्रम के दौरान कुंवर विजय बहादुर सिंह इंटर कॉलेज के छात्र-छात्राओं ने एक जागरूकता रैली निकाली, जिसमें उन्होंने वन्यजीव संरक्षण का संदेश दिया। छात्रों ने “वन्यजीवों को बचाना है, हमनें यह ठाना है” जैसे प्रेरक नारों के साथ लोगों को जागरूक किया। इसके अलावा, आयोजित चित्रकला प्रतियोगिता में वेवी कुमारी ने प्रथम, कीर्ति भदौरिया ने द्वितीय और मोनिका ने तृतीय स्थान प्राप्त किया।
कार्यक्रम का एक महत्वपूर्ण हिस्सा यमुना और चंबल नदी के संगम पर छात्रों का भ्रमण था। यहां उन्हें दुर्लभ प्रजातियों की डॉल्फिन और घड़ियालों के बारे में विस्तृत जानकारी दी गई। डिप्टी रेंजर चंद्रभान सिंह सेंगर ने बताया कि चंबल नदी में पाई जाने वाली ये प्रजातियां विशेष संरक्षण की मांग करती हैं। उन्होंने छात्रों को इन जीवों के संरक्षण के प्रति जागरूक किया।
वन दरोगा प्रताप वर्मा ने कार्यक्रम के उद्देश्य को स्पष्ट करते हुए कहा कि इसका मुख्य लक्ष्य वेटलैंड्स और जलचर जीवों के संरक्षण के प्रति लोगों में जागरूकता बढ़ाना है। उन्होंने कहा कि यह आयोजन न केवल पर्यावरण संरक्षण के प्रति लोगों को जागरूक करता है, बल्कि युवाओं को प्रकृति से जोड़ने का भी एक सशक्त माध्यम है।
कार्यक्रम के अंत में छात्रों ने वन्यजीवों की रक्षा के लिए समाज में जागरूकता फैलाने का संकल्प लिया। इसके बाद गौरैया विश्राम गृह भरेह में कार्यक्रम का समापन हुआ, जहां वन विभाग के कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।
