संत विवेकानंद सीनियर सेकेंड्री पब्लिक स्कूल, इटावा में आज से तीन दिवसीय हैप्पीनेस कार्यक्रम के तहत विशेष कोर्स का शुभारंभ किया गया। इस कार्यक्रम में शिक्षकों और शिक्षिकाओं को योगासन, प्राणायाम, ध्यान और श्वास लेने की शक्तिशाली प्रक्रिया सुदर्शन क्रिया का प्रशिक्षण दिया जा रहा है। कार्यक्रम का उद्देश्य प्रतिभागियों को तनावमुक्त और स्वस्थ जीवन जीने की कला सिखाना है।
आर्ट ऑफ लिविंग की शिक्षक निर्देशिका नीलम राय और प्रशिक्षक राजकुमार यादव ने उपस्थित लोगों को ध्यान और योग के माध्यम से मानसिक शांति और रोगमुक्त जीवन के महत्व के बारे में जागरूक किया। नीलम राय ने अपने अनुभव साझा करते हुए बताया कि वे 2005 से आर्ट ऑफ लिविंग से जुड़ी हुई हैं और इस जुड़ाव ने उनके जीवन में अभूतपूर्व परिवर्तन लाए हैं।

नीलम राय ने बताया कि आर्ट ऑफ लिविंग संस्था विश्व के 184 देशों में सक्रिय है, जहां लोग व्यस्त जीवनशैली के बावजूद तनावमुक्त रहने की कला सीख रहे हैं। उन्होंने सुदर्शन क्रिया के महत्व को रेखांकित करते हुए कहा कि यह तकनीक हमारे सांस, मन, शरीर और आत्मा को एक लय में लाकर आत्मविश्वास बढ़ाने में मदद करती है।
कार्यक्रम के दौरान संत विवेकानंद स्कूल के प्रधानाचार्य एवं निदेशक डॉ. आनंद ने प्रशिक्षकों नीलम राय और राजकुमार यादव का बुके देकर स्वागत किया। इस अवसर पर सुदिती ग्लोबल एकेडमी, औरैया की चेयरपर्सन नीलम आनंद भी विशेष रूप से उपस्थित रहीं। अपने संबोधन में डॉ. आनंद ने कहा, “आर्ट ऑफ लिविंग वास्तव में जीने की कला है, और श्री श्री रविशंकर जी ने इस दुनिया को मानसिक शांति और सकारात्मकता का अनमोल उपहार दिया है।”
डॉ. आनंद ने जानकारी दी कि विश्वभर में 45 करोड़ से अधिक लोग आर्ट ऑफ लिविंग से जुड़े हुए हैं और 700 से अधिक निःशुल्क स्कूल श्री श्री रविशंकर जी के मार्गदर्शन में संचालित हो रहे हैं ताकि अधिक से अधिक लोग तनावमुक्त जीवन जी सकें। उन्होंने इस प्रकार के शिविरों के महत्व पर भी जोर दिया।

शिविर के पहले दिन ही संस्था के 100 से अधिक शिक्षक-शिक्षिकाओं ने सक्रिय रूप से भाग लिया। तीन दिवसीय इस कार्यक्रम में साधना, सेवा और सत्संग के माध्यम से जीवन में खुशी और संतुलन बनाए रखने के महत्वपूर्ण गुर सिखाए जाएंगे। प्रतिभागियों ने इस पहल की सराहना करते हुए भविष्य में भी ऐसे कार्यक्रम आयोजित करने की आवश्यकता पर बल दिया।
