इटावा। मंडलवाद के ध्वजवाहक एवं बसपा सुप्रीमो सांसद मान्यवर कांशीराम के विश्वास पात्र रहे, गंगा जमुनी साझा संस्कृति के झंडा बरदार, समाजिक योद्धा देवेंद्र सिंह यादव का लंबी बीमारी के बाद कानपुर में निधन हो गया उनके निधन से बहुजन समाज में शोक की लहर दौड़ गई स्वर्गीय देवेंद्र सिंह यादव ने बसपा सुप्रीमो मान्यवर कांशीराम के दिशा निर्देश पर लगभग 40000 चालीस हजार किलोमीटर साइकिल चलाकर जगह जगह यात्रा कर इंसानी भाईचारा बनाओ, मंडल कमीशन की रिपोर्ट लागू कराने तथा आरक्षण कोटा पूरा करने के लिए अपना पूरा जीवन खपा दिया। स्वर्गीय देवेंद्र सिंह यादव के निधन पर शोक व्यक्त करने के लिए एक शोकसभा का आयोजन किया गया जिसमें उनके साथ काम करने वाले मिशनरी साथियों ने उनके व्यक्तित्व और कृतित्व पर प्रकाश डालते हुए देवेंद्र यादव को श्रद्धा सुमन अर्पित किए।

अपने शोक संदेश में पूर्व सांसद बसपा सुप्रीमो काशीराम के इटावा लोकसभा से चुनाव प्रभारी रहे, कौमी तहफ्फुज कमेटी के संयोजक एवं सियासी अखाड़ा के संपादक खादिम अब्बास ने कहा निर्भीक पत्रकार के साथ ऐसे प्रतिभावान युवा नेता रहे जिन्होंने हमेशा बहुजन समाज के आंदोलनो में अहम भूमिका निभाई।
देवेंद्र सिंह यादव को समाजवादी विचारक एवं चिंतक कमांडर अर्जुन सिंह भदोरिया एवं समाजिक योद्धा प्रोफेसर सहदेव सिंह यादव का स्नेह और सानिध्य प्राप्त रहा। देवेंद्र यादव ने अपने उपरोक्त मार्गदर्शकों के साथ सर्वहारा आंदोलनो के सत्याग्रहों में सहभागिता की और वह अपने उक्त समाजवादी गुरुओं के साथ कई बार जेल यात्राएं की वह सब के प्रिय थे उनके सार्वजनिक जीवन पर हर कोई गर्व करता था।
स्वर्गीय देवेंद्र यादव गंगा जमुनी साझा संस्कृति के प्रति मूर्ति थे। जब कल्याण सिंह उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री एवं मुलायम सिंह यादव जी देश के रक्षा मंत्री थे उस समय इटावा पक्का तालाब के समीप एक कदीमी कब्रिस्तान था । जिस पर दबंग भू माफियाओं ने अवैध कब्जा कर लिया था। जिसे लेकर इटावा जनपद का माहौल विषाक्त करने की चेष्टा की गई उस समय पूर्व सांसद अर्जुन सिंह भदोरिया जी ने मुस्लिम मुसाफिर खाने में हुई बैठक की अध्यक्षता की उसमें वरिष्ठ पत्रकार डॉक्टर जयचंद भदौरिया व पंडित रामाधीन शर्मा भी उपस्थित हुए इसके बाद अंजुमन हिदायतुल इस्लाम हाई स्कूल में कब्रिस्तान के मसले पर बैठक हुई जिसमें जुझारू नेता राम सिंह राठौर ने उस बैठक में लोकतांत्रिक समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष रघु ठाकुर जी को भोपाल से बुला लिया उनकी अध्यक्षता में बैठक का शुभारंभ हुआ सबने अपने सुझाव रखें। देवेंद्र सिंह यादव, पंडित रामाधीन शर्मा जी के बगल में बैठे थे, वह बीच में उठे और बोले कि अगर पुलिस ने दोषियों की गिरफ्तारी नहीं कि तो वह लखनऊ जाकर विधानसभा के सामने आत्मदाह कर लेंगे देवेंद्र यादव की इस घोषणा से बैठक में सन्नाटा पसर गया और वह इतना कह कर बिना किसी को बताएं लखनऊ विधानसभा के सामने कुछ दिन बाद पहुंच गए जहां पर लखनऊ की हजरतगंज थाने की पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार कर लिया। देवेंद्र सिंह यादव चाहते तो वह वहां से फरार हो सकते थे लेकिन उन्होंने ऐसा न करके लखनऊ की जेल जाना बेहतर समझा और उन्होंने कई दिन लखनऊ की जेल में गुजारे।

कुछ दिनों के बाद देवेंद्र यादव लखनऊ जेल से रिहा हुए और इटावा आए तब उनके स्वागत और सत्कार के लिए पूरा शहर इटावा सड़कों पर उमड़ पड़ा रेलवे स्टेशन से देवेंद्र यादव के निवास स्थान कटरा शमशेर खां की दूरी लगभग साढ़े तीन किलोमीटर थी रास्ते भर अपने चहेते देवेंद्र यादव का इस्तक बाल करने के लिए लोगबाग फूल मालाएं लिए हुए सड़कों पर खड़े रहे। इटावा जनपद के इतिहास में आज तक किसी राजपुरुष व नेता का अभूतपूर्व स्वागत नहीं हुआ। यह इटावा की गंगा जमुनी साझा संस्कृति का कमाल था, जिसे देखो वह देवेंद्र सिंह यादव के स्वागत के लिए आतुर था।
बसपा सुप्रीमो मान्यवर कांशीराम ने कभी भी देवेंद्र सिंह यादव को नाम से नहीं पुकारा वह देवेंद्र यादव को चौधरी कहकर पुकारते थे उन्हें देवेंद्र यादव की समर्पित भावना पर नाज था।
इंसानी भाईचारा बनाओ समिति के राष्ट्रीय संरक्षक एवं इस्लाम पार्टी हिंद के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष डॉ एस अकमल ने कहा कि बसपा सुप्रीमो मान्यवर कांशीराम जी जौहरी थे, वह नगीनो की कद्र करते थे। कांशीराम जी ने देवेंद्र यादव से बहुजन समाज के कारवां को आगे बढ़ाने की जो जिम्मेदारी सौंप थी उसका अक्षरश: पालन देवेंद्र यादव ने किया। उन्होंने बहुजन समाज को शिखर पर पहुंचाने के लिए 40000 चालीस हजार किलोमीटर भाईचारा बनाओ साइकिल यात्रा करके एक सुनहरा इतिहास रच दिया। यह भी एक संजोग रहा कि उन्होंने कानपुर शहर में 26 जनवरी 2025 गणतंत्र दिवस को अपने जीवन की आखिरी सांस ली और वह फ़ानी दुनिया से कुच करके अमर हो गए। उन्होंने कहा देवेंद्र यादव के इस अभूतपूर्व त्याग, बलिदान और समर्पण भाव को बहुजन समाज हमेशा याद रखेगा।
साहित्यकार, पत्रकार एवं इतिहासकार प्रोफेसर डॉक्टर धर्मेंद्र कुमार ने कहा कि देवेंद्र यादव के निधन से बहुजन कारवां की अपूर्णनीय क्षति हुई है उनका संघर्षमय जीवन बहुजन समाज में हमेशा याद किया जाएगा।

अति पिछड़ा महासंघ के संयोजक रमेश प्रजापति ने अपने श्रद्धा सुमन अर्पित करते हुए कहा कि देवेंद्र यादव हमेशा से नौजवानों के प्रेरणा स्रोत रहे उन जैसे कर्मठ, त्यागी और लगनशील बिरले कार्यकर्ता होते हैं उन्होंने पंचशील डॉक्टर भीमराव अंबेडकर की पताका और मान्यवर कांशीराम के मिशन को आगे बढ़ाने के लिए अपना जीवन समर्पित कर दिया उनकी इस असीम तपस्या को कभी बुलाया नहीं जा सकता।
पंचशील दर्शन के ध्वजवाहक कन्हैयालाल शंखवार ने कहा कि देवेंद्र यादव गंगा जमुना साझा संस्कृति एवं इंसानी भाईचारा बनाओ मिशन की चलती फिरती मसाल थे।
इंसानी भाईचारा बनाओ समिति के अध्यक्ष आमीन भाई ने कहा कि समाजवादी विचारक चिंतक पूर्व सांसद अर्जुन सिंह भदौरिया एवं समाजिक योद्धा पूर्व विधायक प्रोफेसर सहदेव सिंह यादव के चरणों में बैठकर देवेंद्र सिंह यादव ने राजनीति व समाज नीति का ककहरा सीखा था। वह सरल स्वभाव और ईमानदारी के प्रति मूर्ति थे वह कथनी पर नहीं करनी पर विश्वास करते थे वह हर दिल अजीज थे उन्हें श्रद्धा सुमन अर्पित करने के लिए जो जन सैलाब देश भर में उमड़ा है वह उनकी तपस्या का प्रतीक है। देवेंद्र यादव ने सर्वहारा वर्ग के उत्थान और कल्याण के लिए जो जतन किया है उसे कभी बुलाया नहीं जा सकता उन्हें हर बर्ग व समुदाय की महान विभूतियों का सानिध्य प्राप्त हुआ उन्होंने अपने जीते जी जो अपनी कार्यशैली की अमित छाप छोड़ी है उसे कभी भी नजरअंदाज नहीं किया जा सकता।
