इटावा माध्यमिक शिक्षा विभाग की ओर से जिले के संचालित स्कूलों में किशोर स्वास्थ्य क्लब का गठन किया जाएगा। इस क्लब के माध्यम से छात्र-छात्राओं को शिक्षा, स्वास्थ्य, स्वच्छता और पोषाहार के प्रति जागरूक किया जाएगा। क्लब के गठन में सामुदायिक स्वास्थ्य प्रभारी, प्रधानाचार्य और शिक्षक के साथ-साथ प्रत्येक कक्षा से 10-10 विद्यार्थी शामिल होंगे। जिले में कुल 283 माध्यमिक विद्यालय संचालित हैं, जिनमें लगभग एक लाख विद्यार्थी पढ़ाई कर रहे हैं। शासन छात्रों के स्वास्थ्य को लेकर गंभीर है और इस पहल से उन्हें स्वास्थ्य संबंधी महत्वपूर्ण जानकारी मिल सकेगी।
किशोर स्वास्थ्य क्लब का उद्देश्य छात्रों को रचनात्मकता, नैतिक मूल्य, स्वास्थ्य संवर्धन, आरोग्यकारी गतिविधियों और बीमारियों की रोकथाम के लिए प्रशिक्षण प्रदान करना है। शिक्षा और स्वास्थ्य विभाग मिलकर इस कार्य को आगे बढ़ाएंगे।
इसके अलावा, स्कूलों में किशोरावस्था में होने वाली विभिन्न स्वास्थ्य समस्याओं के समाधान के लिए एक मंच उपलब्ध कराया जाएगा। क्लब के माध्यम से चोट, हिंसा, मादक द्रव्य सेवन, जोखिम भरे यौन व्यवहार, मनोवैज्ञानिक और भावनात्मक विकारों के निराकरण के लिए काम किया जाएगा। इसके साथ ही, लैंगिक समानता, जीवन कौशल पर सकारात्मक सोच विकसित करने के साथ-साथ साफ-सफाई, व्यक्तिगत स्वच्छता और आत्मविश्वास को भी बढ़ावा दिया जाएगा। डीआईओएस मनोज कुमार ने बताया कि क्लब के गठन में सामुदायिक स्वास्थ्य प्रभारी, प्रधानाचार्य, एक महिला और एक पुरुष शिक्षक, प्रत्येक कक्षा से छात्र-छात्राएं शामिल होंगे, और एनसीसी, एनएमएस, स्काउट गाइड के प्रतिभागियों को भी क्लब में जोड़ा जाएगा।
