इटावा में गंगा-जमुनी तहजीब की प्रतीक दरगाह हजरत सूफी अरशद अली उर्फ माशूक अली बाईस ख्वाजगान का तीन दिवसीय 92वां सालाना उर्स बड़े धूमधाम से सम्पन्न हुआ। उर्स का आयोजन फतेहपुर सीकरी के सज्जादा नशीन हजरत सूफी कमरूद्दीन लियाकती की सरपरस्ती में किया गया। उर्स की शुरुआत हजरत अरशद अली उर्फ माशूक अली बाईस ख्वाजगान रहमतुल्लाह अलैहे के कुल शरीफ की रस्म अदायगी से हुई, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने हिस्सा लिया।
उर्स के पहले दिन सुबह कुरान ख्वानी से शुभारंभ हुआ, जिसके बाद दस बजे चादरपोशी की गई। शाम को चार बजे हल्का ए जिक्र हुआ और मीलाद शरीफ का आयोजन किया गया। उर्स के दूसरे दिन बाद नमाज फजर कुरान ख्वानी हुई और दस बजे से चादरपोशी एवं गागरे पेश की गईं। इस अवसर पर जनपद इटावा सहित औरया, भिण्ड, जालोन, मैनपुरी, आगरा, फिरोजाबाद, मुरैना, श्योपुर, कानपुर देहात जैसे विभिन्न जनपदों से आए श्रद्धालुओं ने दरगाह पर चादरें और गागरे पेश कीं।
उर्स के इस महत्वपूर्ण धार्मिक आयोजन में सूफी रईस अहमद, सूफी कमर, सूफी सत्तार, सूफी उमर, सूफी फारूक सहित कौमी तहफ्फुज कमेटी के संयोजक खादिम अब्बास, मंसूरी वेलफेयर एसोसिएशन के जिला अध्यक्ष मुईनुद्दीन उर्फ गुड्डू मंसूरी सहित अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।
