इटावा: इटावा महोत्सव एवं प्रदर्शनी के अंतर्गत शुक्रवार को आयोजित द फॉक आर्केस्ट्रा ऑफ राजस्थान कार्यक्रम में प्रसिद्ध राजस्थानी लोकगीत गायक मामे खान ने अपनी प्रस्तुति से समां बांध दिया। प्रदर्शनी पंडाल में आयोजित इस कार्यक्रम में लोगों ने राजस्थानी लोकगीतों और फिल्मी गीतों का भरपूर आनंद लिया।

कार्यक्रम का उद्घाटन मुख्य अतिथि इटावा सदर की विधायक सरिता भदौरिया ने दीप प्रज्वलित कर किया। इस अवसर पर विशिष्ट अतिथियों में जिलाधिकारी एवं इटावा महोत्सव के अध्यक्ष अवनीश राय, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक संजय कुमार वर्मा, जिला न्यायाधीश चवन प्रकाश, और अन्य प्रशासनिक अधिकारी उपस्थित रहे। कार्यक्रम का संयोजन मयंक यादव, निदेशक सुदिति ग्लोबल एकेडमी, द्वारा किया गया। मुख्य अतिथि का स्वागत मालती देवी और नायब तहसीलदार प्रीति सिंह ने बुके भेंटकर और शाल उड़ाकर किया।

कार्यक्रम में मामे खान और उनकी 40 सदस्यीय टीम ने अपने साज और गायन से दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। उन्होंने पधारो म्हारे देश, जब भी देखूं बन्ना की लाल पीली अखियां, म्हारे हिवड़ा में जागी डोगरी और दमादम मस्त कलंदर जैसे लोकगीतों और गीतों की प्रस्तुति दी। इन गीतों पर दर्शकों ने खूब ठुमके लगाए और तालियों से कलाकारों का उत्साहवर्धन किया।
कार्यक्रम के दौरान श्रोताओं ने न केवल राजस्थानी लोकगीतों का आनंद लिया, बल्कि फिल्मी गीतों की प्रस्तुति ने भी उन्हें झूमने पर मजबूर कर दिया। मामे खान की टीम ने अपने साज और स्वर से प्रदर्शनी पंडाल में ऐसा माहौल बनाया कि हर कोई संगीत की धुन में खो गया।

कार्यक्रम के समापन पर जिलाधिकारी अवनीश राय, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक संजय कुमार वर्मा और अन्य प्रशासनिक अधिकारियों ने मामे खान को प्रतीक चिन्ह भेंटकर सम्मानित किया। इसके साथ ही, संयोजक मयंक यादव और सह-संयोजक पवन कुमार ने कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए सभी कलाकारों और सहयोगियों का आभार व्यक्त किया।

अंत में, मामे खान और उनकी टीम ने वंदे मातरम गीत की प्रस्तुति देकर कार्यक्रम का समापन किया। इस अद्भुत सांस्कृतिक संध्या ने इटावा महोत्सव में चार चांद लगा दिए और श्रोताओं के दिलों में राजस्थानी लोकसंगीत की अमिट छाप छोड़ी।
