इटावा। जौनपुर जिले के महाराजगंज निवासी सुनील कुमार रविवार को अपनी 3 वर्षीय बेटी आरोही के साथ पटना-नई दिल्ली स्पेशल ट्रेन के एम वन कोच में सवार होकर नई दिल्ली जा रहे थे। यात्रा के दौरान कानपुर सेंट्रल स्टेशन के बाद उनकी बेटी आरोही को अचानक सीने में दर्द महसूस हुआ, जिससे वह काफी परेशान हो गई।
बच्ची की तबियत बिगड़ते देख सुनील कुमार ने रेलवे कंट्रोल को सूचना दी और मदद की मांग की। इसके बाद ट्रेन को इटावा जंक्शन पर सुबह 10 बजकर 49 मिनट पर रोका गया। मौके पर मौजूद आरपीएफ एसआई काद्राम मीना ने सुनील कुमार और उनकी बेटी आरोही को तुरंत जिला अस्पताल पहुंचाया। अस्पताल पहुंचने पर डॉक्टरों ने बच्ची को मृत घोषित कर दिया।
पिता सुनील कुमार ने बताया कि वह अपनी बेटी को इलाज के लिए दिल्ली स्थित एम्स अस्पताल लेकर जा रहे थे, जहां आरोही का दिल में छेद का इलाज चल रहा था। यह दर्दनाक घटना सुनील और उनकी पत्नी के लिए एक गहरे आघात के रूप में आई है, क्योंकि वे अपनी बेटी के इलाज के लिए उम्मीद लगाए हुए थे।
इस घटना से रेलवे प्रशासन और स्थानीय अस्पताल की तत्परता पर सवाल उठने लगे हैं, जबकि परिवार इस मुश्किल समय में अपने आघात को सहन करने की कोशिश कर रहा है।
