इटावा महोत्सव में मिलने वाला खजला लोगों की पहली पसंद बन चुका है। यह खजला, जो मैदा और खोये के मिश्रण से तैयार होता है, महोत्सव की पहचान बन चुका है। लगभग 100 वर्षों से इटावा महोत्सव में आ रहे इस खजले को लोग बेहद पसंद करते हैं।
खजला मीठा, नमकीन और खोये वाला होता है, जो पूरे वर्ष में केवल इटावा महोत्सव के दौरान ही मिलता है। महोत्सव के मुख्य द्वार से लेकर अंदर तक खजले के बड़े-बड़े स्टाल्स लगाए जाते हैं, जो हर साल लोगों के लिए आकर्षण का केंद्र होते हैं।
सुबह के नाश्ते में लोग खजला खासतौर पर पसंद करते हैं और इसे खाने के लिए लंबी लाइनें लगती हैं। इस खजले की खासियत उसकी ताजगी और स्वाद में है, जो महोत्सव का अहम हिस्सा बन चुका है।
