इटावा लायन सफारी में बढ़ रहा है एशियाटिक शेरों का कुनबा

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इटावा सफारी के उप निदेशक अरुण कुमार सिंह ने बताया इटावा सफारी पार्क एशियाटिक शेरों का ब्रीडिंग सेंटर है यह बब्बर शेरों के प्रजनन केंद्र के तौर पर काम कर रहा है इनका कुनबा बढ़ाने के लिए ग्रीटिंग कराई जाती है अभी सफारी में 17 शेर हैं जिनकी संख्या को अगले 3 वर्षों में दोगुना करने का हमारा लक्ष्य है। करुणा काल के दौरान ब्रीडिंग सेंटर बंद कर दिया गया था लेकिन गत वर्ष से शुरू कर दिया गया है अब सभी के जोड़े बना दिए गए हैं और मेटिंग कराई जा रही है

गुजरात के गिरवन के बाद इटावा सफारी ब्रीडिंग के लिए दूसरे स्थान पर जानी जाती है
इटावा सफारी में लुप्त प्राय एशियाई शेरों को लाया गया जहां प्रजनन केंद्र बनाकर उनका कुनबा बढ़ाने के लिए प्रयास किया गया जिसके चलते इटावा सफारी उनके लिए संजीवनी साबित हुई अब तक यहां पर 8 साल को ने जन्म लिया है इटावा सफारी पार्क ब्रीडिंग सेंटर राष्ट्रीय स्तर पर अपनी चमक बिखेर रहा है यहां के बब्बर शेर कुनबे में इस समय 17 सदस्य हैं जिनमें से 9 मादा सात नर व एक शावक शामिल है विश्व का पहला ब्रीडिंग सेंटर होने का दावा करने वाले इटावा सफारी प्रबंधन का प्रयास है कि इस साल करीब 6 शावकों का कुनबा और बढ़ाया जा सकेगा इटावा सफारी के 17 शहरों में 5 शेरों का एक समूह बनाया गया है जिसमें काना रूपा सोना नीरजा व गार्गी को रखा गया है तथा 12 से रीडिंग सेंटर में रह रहे हैं जिनमें से 6 माह का शावक भी शामिल है।
इस समय इटावा सफारी में 3 जोड़ों पर सफारी प्रशासन की उम्मीदें टिकी हुई है
शेरनी एक शावक को 105 दिन के गर्भ काल के बाद जन्म देती है सफारी प्रशासन ने बिल्डिंग को पढ़ाने के लिए 3 जोड़ी बनाए इनमें गौरी सिंबा राधिका भरत कान्हा रूपा के जोड़े शामिल किए गए हैं शेरनी जिसका भी पहले 6 वर्षों से शावकों को जन्म दे रही है लेकिन अब उसकी उम्र 14 वर्ष के करीब हो जाने के कारण अब उसका जोड़ा बनाने का विचार फिलहाल टाल दिया गया है। केंद्रीय चिड़ियाघर प्राधिकरण एशियाई शेरों की शुद्ध नस्ल को बचाए रखने के लिए उनकी संख्या बढ़ाने के निर्देश दिए हैं देश में एशियाटिक शेरों की शुद्ध नस्ल गुजरात के गिर वन में पाई जाती है। जिसके बाद इटावा सफारी के ब्रीडिंग सेंटर में इनको रखा गया है अब दूसरे स्थान पर इटावा सफारी भी इस नस्ल के शेरों का स्थान माना जा रहा है।
इटावा सफारी में सबसे ज्यादा भाग्यशाली जेसिका नामक शेरनी रही है
इटावा सफारी पार्क के लिए शेरनी जेसिका सबसे ज्यादा भाग्यशाली साबित हुई है जेसिका ने अब तक 8 शावकों को जन्म दिया है इनमें से सबसे पहले अक्टूबर 2016 में सिंबा व सुल्तान को जन्म दिया था जिसके बाद 2018 जनवरी में बाहुबली को जन्म दिया जून 2019 में भारत व सोना को जन्म दिया जिसके बाद रूपा को दिसंबर 2020 में नीरज व गार्गी को भी जेसिका ने जन्म दिया था।

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