डीपीएस इटावा में साइबर सुरक्षा जागरूकता कार्यक्रम आयोजित विद्यार्थियों को ऑनलाइन धोखाधड़ी से बचने के बताए तरीके

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इटावा। डिजिटल युग में इंटरनेट और सोशल मीडिया का इस्तेमाल तेजी से बढ़ रहा है। ऐसे में विद्यार्थियों को साइबर अपराधों के प्रति जागरूक करना और उन्हें ऑनलाइन सुरक्षा के जरूरी उपायों की जानकारी देना बेहद महत्वपूर्ण हो गया है। इसी उद्देश्य से दिल्ली पब्लिक स्कूल (डीपीएस), इटावा में साइबर सुरक्षा जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस दौरान विद्यार्थियों ने पुलिस विभाग की ओर से प्रसारित साइबर सुरक्षा पर विशेष वेबिनार में भाग लिया। वेबिनार का प्रसारण साइबर सुरक्षा विशेषज्ञ रक्षित टंडन द्वारा किया गया, जिसमें इंटरनेट के सुरक्षित इस्तेमाल और ऑनलाइन धोखाधड़ी से बचाव के संबंध में जानकारी दी गई।

कार्यक्रम के दौरान एसएचओ अमित मिश्रा ने विद्यालय पहुंचकर विद्यार्थियों से संवाद किया और उन्हें साइबर सुरक्षा से जुड़े महत्वपूर्ण पहलुओं के बारे में विस्तार से बताया। उन्होंने विद्यार्थियों को समझाया कि इंटरनेट का इस्तेमाल करते समय सतर्कता बरतना बेहद आवश्यक है। सोशल मीडिया पर अनजान लोगों से संपर्क करने, संदिग्ध लिंक खोलने और अपनी निजी जानकारी साझा करने से साइबर अपराध का खतरा बढ़ सकता है। इसलिए प्रत्येक विद्यार्थी को ऑनलाइन गतिविधियों के दौरान सावधानी रखनी चाहिए।

एसएचओ अमित मिश्रा ने विद्यार्थियों को सोशल मीडिया के सुरक्षित उपयोग के बारे में जानकारी देते हुए बताया कि इंटरनेट पर उपलब्ध प्रत्येक जानकारी या लिंक पर आंख मूंदकर भरोसा नहीं करना चाहिए। कई बार साइबर अपराधी फर्जी लिंक और भ्रामक संदेशों के माध्यम से लोगों को अपने जाल में फंसाने का प्रयास करते हैं। ऐसे लिंक पर क्लिक करने से व्यक्तिगत जानकारी चोरी होने या आर्थिक धोखाधड़ी का खतरा हो सकता है। विद्यार्थियों को सलाह दी गई कि किसी भी संदिग्ध संदेश, लिंक या ऑनलाइन ऑफर की सत्यता जांचे बिना उस पर कार्रवाई न करें।

कार्यक्रम में पासवर्ड सुरक्षा को भी महत्वपूर्ण विषय के रूप में शामिल किया गया। विद्यार्थियों को बताया गया कि अपने सोशल मीडिया अकाउंट और अन्य ऑनलाइन सेवाओं को सुरक्षित रखने के लिए मजबूत पासवर्ड का इस्तेमाल करना चाहिए। पासवर्ड किसी दूसरे व्यक्ति के साथ साझा नहीं करना चाहिए और अलग-अलग खातों के लिए एक ही पासवर्ड रखने से बचना चाहिए। ऑनलाइन खातों की सुरक्षा के लिए सतर्क रहना और अपनी गोपनीय जानकारी को सुरक्षित रखना आवश्यक है।

एसएचओ अमित मिश्रा ने विशेष रूप से विद्यार्थियों को आगाह किया कि किसी भी परिस्थिति में अपना ओटीपी (वन टाइम पासवर्ड) किसी अन्य व्यक्ति के साथ साझा न करें। साइबर ठगी करने वाले लोग कई बार बैंक अधिकारी, परिचित व्यक्ति या किसी प्रतिष्ठित संस्था का प्रतिनिधि बनकर लोगों से ओटीपी और अन्य गोपनीय जानकारियां हासिल करने की कोशिश करते हैं। विद्यार्थियों को बताया गया कि ऐसे फोन कॉल, संदेश या ऑनलाइन अनुरोध मिलने पर सावधानी बरतें और किसी भी अनजान व्यक्ति को अपनी निजी जानकारी न दें।

वेबिनार के माध्यम से विद्यार्थियों को साइबर सुरक्षा के प्रति जागरूक रहने का संदेश दिया गया। वर्तमान समय में ऑनलाइन शिक्षा, डिजिटल भुगतान, सोशल मीडिया और विभिन्न इंटरनेट आधारित सेवाओं का इस्तेमाल आम हो गया है। ऐसे में साइबर अपराधों से बचने के लिए तकनीक का उपयोग करने के साथ-साथ उसके संभावित खतरों को समझना भी जरूरी है। विद्यार्थियों को बताया गया कि इंटरनेट पर जिम्मेदारी से व्यवहार करना और संदिग्ध गतिविधियों के प्रति सतर्क रहना उनकी डिजिटल सुरक्षा के लिए महत्वपूर्ण है।

विद्यालय की प्रधानाचार्या भावना सिंह ने इस जागरूकता कार्यक्रम के आयोजन के लिए पुलिस विभाग का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि आज के डिजिटल दौर में प्रत्येक विद्यार्थी के लिए साइबर सुरक्षा की जानकारी होना आवश्यक है। बच्चे पढ़ाई, जानकारी जुटाने और आपसी संवाद के लिए इंटरनेट का इस्तेमाल करते हैं, इसलिए उन्हें इसके सुरक्षित उपयोग के नियमों की जानकारी देना विद्यालय की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है। उन्होंने इस तरह के जागरूकता कार्यक्रमों को विद्यार्थियों के लिए उपयोगी बताया।

प्रधानाचार्या भावना सिंह ने विद्यार्थियों को साइबर सुरक्षा से जुड़े नियमों को अपने दैनिक जीवन में अपनाने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि ऑनलाइन दुनिया में सतर्कता, जिम्मेदारी और सही जानकारी के आधार पर ही सुरक्षित रहा जा सकता है। विद्यार्थियों को न केवल स्वयं साइबर सुरक्षा के प्रति जागरूक रहना चाहिए, बल्कि अपने परिवार और आसपास के लोगों को भी ऑनलाइन धोखाधड़ी से बचने के उपायों के बारे में जानकारी देनी चाहिए।

डीपीएस इटावा में आयोजित इस कार्यक्रम के माध्यम से विद्यालय और पुलिस विभाग के बीच जागरूकता की दिशा में सहयोग का संदेश भी सामने आया। कार्यक्रम में साइबर सुरक्षा वेबिनार और पुलिस अधिकारी के प्रत्यक्ष संवाद के जरिए विद्यार्थियों को ऑनलाइन सुरक्षा से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारियां दी गईं। विद्यालय प्रबंधन ने इस पहल को विद्यार्थियों के डिजिटल ज्ञान और सुरक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण बताया।

कार्यक्रम का मुख्य संदेश यही रहा कि इंटरनेट और सोशल मीडिया का इस्तेमाल करते समय सावधानी बरतना, फर्जी लिंक से दूर रहना, मजबूत पासवर्ड रखना और ओटीपी जैसी गोपनीय जानकारी साझा न करना साइबर अपराधों से बचाव के जरूरी उपाय हैं। डीपीएस इटावा में आयोजित इस जागरूकता सत्र ने विद्यार्थियों को सुरक्षित डिजिटल व्यवहार अपनाने के लिए प्रेरित किया।

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