सैफई, इटावा। उत्तर प्रदेश आयुर्विज्ञान विश्वविद्यालय (UPUMS), सैफई के फार्मेसी संकाय में सहायक आचार्य के पद पर कार्यरत डॉ. अंकुर वैद्य ने वर्ष 2026 की World’s Top 2% Scientists List में स्थान प्राप्त कर विश्वविद्यालय का गौरव बढ़ाया है। वैज्ञानिक अनुसंधान के क्षेत्र में हासिल की गई इस उपलब्धि के साथ डॉ. वैद्य ने चौथी बार इस प्रतिष्ठित सूची में जगह बनाई है। खास बात यह है कि उन्हें लगातार तीसरी बार इस सूची में शामिल होने का अवसर मिला है। उनकी इस उपलब्धि को औषधि विज्ञान एवं औषधीय रसायन विज्ञान के क्षेत्र में निरंतर शोध कार्य, वैज्ञानिक प्रकाशनों और अकादमिक योगदान की महत्वपूर्ण उपलब्धि के रूप में देखा जा रहा है।
विश्वविद्यालय की ओर से साझा की गई जानकारी के अनुसार, विश्व के शीर्ष 2 प्रतिशत वैज्ञानिकों की यह सूची स्टैनफोर्ड विश्वविद्यालय द्वारा एल्सेवियर के सहयोग से तैयार की जाती है। इसमें वैज्ञानिकों के अनुसंधान संबंधी योगदान और उनके शोध कार्यों के प्रभाव को ध्यान में रखा जाता है। इस सूची में डॉ. अंकुर वैद्य का नाम शामिल होना उनके निरंतर वैज्ञानिक प्रयासों और अनुसंधान के प्रति प्रतिबद्धता को दर्शाता है। लगातार तीसरे वर्ष तथा कुल चौथी बार सूची में स्थान प्राप्त करना उनके शैक्षणिक और शोध कार्यों की निरंतरता को भी रेखांकित करता है।
डॉ. अंकुर वैद्य की इस उपलब्धि से उत्तर प्रदेश आयुर्विज्ञान विश्वविद्यालय, सैफई के फार्मेसी संकाय में खुशी का माहौल है। विश्वविद्यालय के लिए यह उपलब्धि इसलिए भी महत्वपूर्ण है, क्योंकि इससे संस्थान में चल रहे अनुसंधान कार्यों, वैज्ञानिक नवाचार और शैक्षणिक उत्कृष्टता को राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिलती है। विश्वविद्यालय में चिकित्सा शिक्षा के साथ-साथ अनुसंधान को प्रोत्साहित करने की दिशा में किए जा रहे प्रयासों के बीच यह सफलता अन्य शिक्षकों और शोधार्थियों के लिए भी प्रेरणादायक मानी जा रही है।
विश्वविद्यालय की ओर से बताया गया कि डॉ. वैद्य को यह उपलब्धि कुलपति डॉ. अजय सिंह के दूरदर्शी नेतृत्व तथा फार्मेसी संकाय की अधिष्ठाता प्रो. बीजी बिजू के मार्गदर्शन में प्राप्त हुई है। विश्वविद्यालय नेतृत्व और संकाय स्तर पर मिलने वाला प्रोत्साहन शोध गतिविधियों को आगे बढ़ाने तथा अकादमिक कार्यों के लिए अनुकूल वातावरण तैयार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। संस्थागत सहयोग से शिक्षकों और शोधकर्ताओं को अपने अनुसंधान कार्यों को निरंतर आगे बढ़ाने का अवसर मिलता है।
कुलपति डॉ. अजय सिंह के नेतृत्व में विश्वविद्यालय की शैक्षणिक गतिविधियों और अनुसंधान कार्यों को प्रोत्साहित करने पर जोर दिया जा रहा है। वहीं, फार्मेसी संकाय की अधिष्ठाता प्रो. बीजी बिजू के मार्गदर्शन में संकाय के शैक्षणिक एवं शोध संबंधी कार्यों को आगे बढ़ाने का प्रयास किया जा रहा है। डॉ. अंकुर वैद्य की उपलब्धि को इसी शैक्षणिक वातावरण और उनके व्यक्तिगत शोध प्रयासों के महत्वपूर्ण परिणाम के रूप में देखा जा रहा है।
डॉ. अंकुर वैद्य का शोध कार्य औषधि विज्ञान एवं औषधीय रसायन विज्ञान के क्षेत्र से संबंधित है। इन क्षेत्रों में वैज्ञानिक अनुसंधान का उद्देश्य औषधियों के गुणों, उनकी संरचना, प्रभाव और विकास से जुड़े विभिन्न पहलुओं को बेहतर ढंग से समझना होता है। गुणवत्तापूर्ण शोध, वैज्ञानिक प्रकाशन और नए विचारों पर आधारित अनुसंधान औषधि विज्ञान के विकास में अहम भूमिका निभाते हैं।
विश्वविद्यालय के अनुसार, डॉ. वैद्य को मिली यह उपलब्धि उनके वैज्ञानिक अनुसंधान, शोध-प्रकाशनों और औषधि विज्ञान तथा औषधीय रसायन विज्ञान में निरंतर योगदान को प्रतिबिंबित करती है। किसी शोधकर्ता के लिए लगातार अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान हासिल करना उसके अनुसंधान कार्यों को निरंतर आगे बढ़ाने, वैज्ञानिक विषयों पर गहन अध्ययन करने और शोध के क्षेत्र में सक्रिय बने रहने का संकेत है। डॉ. वैद्य की यह सफलता विश्वविद्यालय के शोध वातावरण को मजबूत करने के साथ अन्य युवा शोधकर्ताओं को भी अपने कार्यों में गुणवत्ता और नवीनता बनाए रखने के लिए प्रेरित कर सकती है।
उत्तर प्रदेश आयुर्विज्ञान विश्वविद्यालय, सैफई में चिकित्सा शिक्षा के साथ वैज्ञानिक अनुसंधान को बढ़ावा देना भी महत्वपूर्ण है। विश्वविद्यालयों में होने वाले शोध से नए वैज्ञानिक विचारों को विकसित करने, उपलब्ध ज्ञान का विस्तार करने और विभिन्न विषयों में अकादमिक उत्कृष्टता को प्रोत्साहित करने का अवसर मिलता है। ऐसे में विश्वविद्यालय के किसी शिक्षक का विश्व स्तर पर प्रतिष्ठित वैज्ञानिक सूची में स्थान प्राप्त करना संस्थान की शैक्षणिक पहचान को मजबूत करने वाला कदम माना जाता है।
डॉ. अंकुर वैद्य की उपलब्धि विश्वविद्यालय में गुणवत्तापूर्ण अनुसंधान, नवाचार और अकादमिक उत्कृष्टता को बढ़ावा देने की प्रतिबद्धता को भी दर्शाती है। यह सफलता शोधार्थियों और विद्यार्थियों के सामने एक उदाहरण प्रस्तुत करती है कि निरंतर अध्ययन, वैज्ञानिक दृष्टिकोण और शोध के प्रति समर्पण के माध्यम से अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान बनाई जा सकती है। इससे फार्मेसी संकाय में अनुसंधान गतिविधियों को आगे बढ़ाने के लिए सकारात्मक वातावरण विकसित होने की उम्मीद है।
डॉ. अंकुर वैद्य की इस उपलब्धि पर विश्वविद्यालय परिवार ने उन्हें हार्दिक बधाई दी और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। विश्वविद्यालय की ओर से आशा व्यक्त की गई कि वह भविष्य में भी वैज्ञानिक अनुसंधान, नवाचार और औषधि विज्ञान के क्षेत्र में अपना योगदान जारी रखेंगे तथा नए शोध कार्यों के माध्यम से शैक्षणिक जगत में महत्वपूर्ण उपलब्धियां हासिल करेंगे।
विश्व के शीर्ष 2 प्रतिशत वैज्ञानिकों की वर्ष 2026 की सूची में चौथी बार स्थान प्राप्त करना डॉ. अंकुर वैद्य के लिए एक उल्लेखनीय उपलब्धि है। लगातार तीसरी बार सूची में शामिल होना उनके शोध कार्यों की निरंतरता को दर्शाता है। उनकी सफलता से उत्तर प्रदेश आयुर्विज्ञान विश्वविद्यालय, सैफई के फार्मेसी संकाय को गौरव प्राप्त हुआ है। साथ ही, यह उपलब्धि वैज्ञानिक अनुसंधान, नवाचार और गुणवत्तापूर्ण उच्च शिक्षा के क्षेत्र में आगे बढ़ने के लिए विश्वविद्यालय के शिक्षकों एवं शोधार्थियों को प्रेरणा देने वाली है।
