ऊसराहार। आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे पर मंगलवार सुबह चालक को नींद की झपकी आने से तेज रफ्तार स्विफ्ट कार आगे चल रहे कंटेनर में पीछे से टकरा गई। टक्कर इतनी जोरदार थी कि कार बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई और उसमें सवार तीन लोग घायल हो गए। हादसे के बाद एक्सप्रेसवे पर कुछ देर के लिए हलचल मच गई। दुर्घटना की सूचना मिलते ही ऊसराहार थाना पुलिस, एक्सप्रेसवे चौकी इंचार्ज ब्रजकिशोर और उत्तर प्रदेश एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यूपीडा) की टीम मौके पर पहुंच गई। पुलिस ने एंबुलेंस की मदद से तीनों घायलों को उपचार के लिए सैफई स्थित पीजीआई भेजा।

जानकारी के अनुसार मंगलवार सुबह करीब 5:20 बजे आगरा से लखनऊ की ओर जा रही स्विफ्ट कार आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे पर किलोमीटर संख्या 123.900 के पास दीग क्षेत्र में पहुंची थी। इसी दौरान कार चला रहे चालक को नींद की झपकी आ गई। इससे कार अनियंत्रित होकर आगे चल रहे कंटेनर में पीछे से जा घुसी। अचानक हुई टक्कर के कारण कार क्षतिग्रस्त हो गई और उसमें सवार लोगों को चोटें आईं। सुबह के समय हुए इस हादसे की जानकारी मिलते ही एक्सप्रेसवे पर तैनात सुरक्षा और पुलिस टीम सक्रिय हो गई।
कार में हाथरस जनपद के सादाबाद थाना क्षेत्र के नगला गूलर गांव निवासी मनोज कुमार पुत्र राजेंद्र सिंह, उनका पुत्र आरव और चंद्रपाल के पुत्र कान्हा सवार थे। तीनों अयोध्या में रामलला के दर्शन करने के लिए जा रहे थे। इसी दौरान ऊसराहार थाना क्षेत्र में उनकी कार दुर्घटनाग्रस्त हो गई। हादसे में तीनों को चोटें आईं। मौके पर पहुंची पुलिस और यूपीडा की टीम ने घायलों को तत्काल एंबुलेंस से सैफई स्थित पीजीआई भिजवाया, जहां उनका उपचार कराया गया।
दुर्घटना के बाद पुलिस ने क्षतिग्रस्त कार को हाइड्रा की मदद से हटवाकर एक्सप्रेसवे चौकी पर खड़ा करा दिया, जिससे दुर्घटनाग्रस्त वाहन के कारण यातायात व्यवस्था प्रभावित न हो। पुलिस टीम ने मौके पर पहुंचकर आवश्यक कार्रवाई की और घायलों को उपचार उपलब्ध कराने की व्यवस्था की।
प्रभारी निरीक्षक नरेंद्र कुमार मिश्र ने बताया कि हाथरस के सादाबाद क्षेत्र से श्रद्धालु अयोध्या में रामलला के दर्शन करने जा रहे थे। ऊसराहार थाना क्षेत्र में किलोमीटर संख्या 124 के समीप उनकी कार आगे चल रहे कंटेनर से पीछे से टकरा गई थी। हादसे में कार सवार तीनों लोग घायल हुए थे। उन्हें उपचार के लिए सैफई पीजीआई भेजा गया। उपचार के बाद सभी घायल अपने गंतव्य के लिए चले गए।
एक्सप्रेसवे पर हुए इस हादसे ने लंबी दूरी की यात्रा के दौरान वाहन चालकों की सतर्कता की आवश्यकता को फिर रेखांकित किया। लगातार वाहन चलाने और पर्याप्त आराम न मिलने से चालक को नींद की झपकी आने का खतरा बढ़ जाता है। ऐसे में वाहन चालकों को थकान या नींद महसूस होने पर सुरक्षित स्थान पर वाहन रोककर आराम करना चाहिए, ताकि उनकी और अन्य यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित हो सके।
