भरथना (रिपोर्ट- तनुज श्रीवास्तव, 9720063658)- आकर्षक साज-सज्जायुक्त विशालकाय प्रांगण में भव्य व ऐतिहासिक उच्च सिंहासन पर विराजमान होकर महिषासुर मर्दनी माँ जगतजननी जगदम्बा भक्तों को दर्शन देंगी। संगीतमयी ध्वनियों के साथ सांय सम्पन्न होने वाली पंच आरतियों में हजारों की संख्या में श्रद्धालु महिला-पुरूष भक्तजन सामूहिक रूप से माँ दुर्गा का आवाहन कर स्तुति करेगें। उक्त धार्मिक अनुष्ठान की तैयारियां अन्तिम चरण में हैं।

विगत वर्षों की भाँति इस वर्ष भी कस्बा के मुहल्ला मोतीगंज स्थित राजाराम पीतल वालों के हाता में श्री नवदुर्गा पूजा समिति (रजि0) भरथना के तत्वाधान में शारदीय नवरात्रि के पावन पर्व पर दस दिवसीय भव्य व ऐतिहासिक 30वाँ श्री नवदुर्गा पूजा महोत्सव का भव्य आयोजन आगामी 11 अक्टूबर से 19 अक्टूबर तक किया जायेगा तथा माँ की प्रतिमाओं का विसर्जन 20 अक्टूबर को होगा। महोत्सव स्थल पर मौजूद पदाधिकारियों ने बताया कि उक्त धार्मिक अनुष्ठान के चलते भवन की साज-सज्जा, पूजन, यज्ञशाला, प्रसाद वितरण सहित समस्त तैयारियां पूर्ण कर ली गई है। साथ ही डेकोरेशन व साउण्ड की व्यवस्था भी चाक-चौबन्द है। उक्त श्री नवदुर्गा पूजा महोत्सव का शुभारम्भ 11 अक्टूबर को 108 मंगल कलश यात्रा के नगर भ्रमण के साथ महोत्सव प्रांगण में सांय कलशों की स्थापना व वैदिक मंत्रोच्चारण के बीच माँ के प्रथम दिवस के स्वरूप के भव्य कपाट श्रद्धालुओं के दर्शनार्थ खोले जायेगें। तदुपरान्त संगीतमयी ध्वनियों के बीच सम्पन्न होने वाली पंच आरतियों में श्रद्धालु महिला-पुरूष भक्तजन सामूहिक रूप से जगत जननी माँ दुर्गा का आवाहन करेगें। तैयारियों के दौरान अध्यक्ष सोनू मिश्रा (डीलर), कोषाध्यक्ष विपिन पोरवाल, महामंत्री ओमजी पोरवाल, रोहित गुप्ता, शैलेन्द्र पोरवाल, रितिक पोरवाल, भरत पोरवाल, नेक्से पोरवाल, हरिओम दुबे, राहुल चौरसिया, दीपू अवस्थी सहित सभी समिति पदाधिकारी लगे हुए थे।
वहीं कस्बा के बकेवर रोड स्थित ऊँ श्री पागलबाबा गंगासागर धाम पर भी शारदीय नवरात्रि पर पीठाधीश्वर श्याम सुन्दर चौरसिया के संयोजकत्व में आयोजित होने वाले भव्य श्री नवदुर्गा पूजा महोत्सव की सभी तैयारियां अन्तिम चरण में है। बाहर के कारीगरों द्वारा अत्याधुनिक बिजली, फूलों आदि की साज-सज्जा की जा रही है। जहाँ उच्च सिंहासन पर विराजमान माँ दुर्गा के सम्मुख श्रद्धालु भक्तजन प्रत्येक सांय संगीतमयी ध्वनियों पर सम्पन्न होने वाली आरती व भजन के माध्यम से माँ का गुणगान करेगें।
