इटावा। राष्ट्रपिता महात्मा गांधी एवं भारत के पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री की जयंती के अवसर पर जनपद के समस्त थाना क्षेत्रों में श्रद्धा और सम्मान के साथ कार्यक्रम आयोजित किए गए। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक इटावा के निर्देशन में सभी थाना प्रभारी एवं थानाध्यक्षों द्वारा अपने-अपने थानों पर ध्वजारोहण किया गया तथा महात्मा गांधी और लाल बहादुर शास्त्री के चित्रों पर माल्यार्पण कर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की गई। इस दौरान पुलिस अधिकारियों एवं कर्मचारियों को राष्ट्रीय एकता, अखंडता और राष्ट्रसेवा की शपथ भी दिलाई गई।
कार्यक्रम के दौरान पुलिस अधिकारियों ने राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के सत्य, अहिंसा, स्वच्छता और मानवता के मूल्यों को याद करते हुए उनके विचारों को वर्तमान समय में भी अत्यंत प्रासंगिक बताया। उन्होंने कहा कि गांधी जी का जीवन देश और समाज के लिए प्रेरणा का स्रोत है। उनके आदर्श केवल इतिहास के पन्नों तक सीमित नहीं हैं, बल्कि आज भी समाज को सही दिशा देने का कार्य कर रहे हैं।
इस अवसर पर पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री के योगदान को भी याद किया गया। अधिकारियों ने कहा कि शास्त्री जी का सादगीपूर्ण जीवन, ईमानदारी, कर्तव्यनिष्ठा और राष्ट्र के प्रति समर्पण प्रत्येक नागरिक के लिए प्रेरणादायक है। उन्होंने विपरीत परिस्थितियों में भी देशहित को सर्वोपरि रखते हुए कार्य किया और अपने जीवन से सेवा तथा त्याग का संदेश दिया।
जनपद के विभिन्न थानों में आयोजित कार्यक्रमों में पुलिसकर्मियों ने दोनों महान विभूतियों के चित्रों पर पुष्प अर्पित कर उन्हें श्रद्धासुमन अर्पित किए। इसके बाद राष्ट्रीय एकता और अखंडता की शपथ दिलाई गई। शपथ के दौरान पुलिस कर्मियों ने संविधान के मूल्यों का सम्मान करने, देश की एकता और अखंडता को बनाए रखने तथा अपने कर्तव्यों का ईमानदारी और निष्ठा के साथ पालन करने का संकल्प लिया।
कार्यक्रम में वक्ताओं ने कहा कि पुलिस केवल कानून व्यवस्था बनाए रखने वाली संस्था ही नहीं, बल्कि समाज में विश्वास, सुरक्षा और सद्भाव की भावना को मजबूत करने का भी माध्यम है। महात्मा गांधी और लाल बहादुर शास्त्री के आदर्श पुलिस बल को जनसेवा, अनुशासन और नैतिकता के मार्ग पर आगे बढ़ने की प्रेरणा देते हैं।
इस दौरान थानों में उपस्थित पुलिस अधिकारियों ने कर्मियों को अपने दायित्वों के प्रति सजग रहने और जनता के साथ संवेदनशील व्यवहार अपनाने का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि राष्ट्रहित, जनहित और कर्तव्यनिष्ठा की भावना के साथ कार्य करना ही दोनों महान नेताओं के प्रति सच्ची श्रद्धांजलि होगी।
गांधी जयंती के अवसर पर स्वच्छता और सामाजिक सद्भाव के महत्व पर भी प्रकाश डाला गया। अधिकारियों ने कहा कि महात्मा गांधी ने स्वच्छता को सामाजिक परिवर्तन का महत्वपूर्ण आधार माना था। इसलिए प्रत्येक व्यक्ति को अपने आसपास स्वच्छ वातावरण बनाए रखने और समाज में भाईचारे की भावना को मजबूत करने का प्रयास करना चाहिए।
जनपद के सभी थाना परिसरों में आयोजित इन कार्यक्रमों का समापन राष्ट्रगान और राष्ट्रीय एकता के संकल्प के साथ हुआ। पुलिस अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने महात्मा गांधी और लाल बहादुर शास्त्री के आदर्शों को अपने जीवन और कार्यशैली में अपनाने का संकल्प लेते हुए राष्ट्रसेवा के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई।
