ऊसराहार। ताखा क्षेत्र में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश ने जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त कर दिया है। जलनिकासी की समुचित व्यवस्था नहीं होने से ऊसराहार कस्बे में जगह-जगह जलभराव की स्थिति बन गई है। सड़कें पानी में डूब गईं और दर्जनों घरों व दुकानों में बारिश का पानी घुसने से लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। हालात इतने खराब हो गए कि आम लोगों के साथ सुरक्षा की जिम्मेदारी संभालने वाले पुलिसकर्मी भी जलभराव से प्रभावित हुए।

बारिश का सबसे अधिक असर ऊसराहार थाना परिसर में देखने को मिला। जलनिकासी की व्यवस्था ठीक नहीं होने के कारण पूरा थाना परिसर पानी से भर गया और तालाब जैसा नजर आने लगा। थाना कार्यालय के सामने करीब दो फीट तक पानी भरने की स्थिति रही। थाने के दफ्तरों के साथ-साथ पुलिसकर्मियों के आवासों तक भी पानी पहुंच गया। इससे पुलिसकर्मियों को अपने रोजमर्रा के कामकाज और ड्यूटी में भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। दूसरों की सुरक्षा की जिम्मेदारी निभाने वाले पुलिसकर्मी खुद जलभराव की समस्या से जूझते नजर आए।
कस्बे के लोगों का आरोप है कि ऊसराहार में लंबे समय से नालियों की सफाई नहीं कराई गई है। नालियां कूड़ा-कचरा और सिल्ट से पूरी तरह चोक हो चुकी हैं, जिसके कारण बारिश का पानी निकलने के बजाय सड़कों पर जमा हो रहा है। लगातार बारिश के बाद स्थिति और गंभीर हो गई तथा सड़क पर जमा पानी आसपास के मकानों और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों में घुस गया। कई घरों में पानी भरने से लोगों को रातभर जागकर बाल्टियों और अन्य साधनों से पानी बाहर निकालना पड़ा।
ग्रामीणों और कस्बावासियों के मुताबिक शुक्रवार की पूरी रात लोग परेशान रहे। घरों में पानी घुसने से परिवारों को सामान और जरूरी वस्तुओं को सुरक्षित स्थानों पर रखना पड़ा। वहीं शनिवार को भी रुक-रुककर हुई तेज बारिश ने मुश्किलें और बढ़ा दीं। लगातार जलभराव के कारण लोगों का आवागमन प्रभावित रहा और कस्बे की सामान्य गतिविधियां लगभग ठप हो गईं।
जलभराव का सीधा असर व्यापार पर भी पड़ा। कस्बे की करीब 70 प्रतिशत दुकानें बंद रहीं और बाजार में सन्नाटा पसरा रहा। दुकानदारों का कहना है कि दुकानों में पानी घुसने से सामान खराब होने का खतरा बना हुआ है। ग्राहक भी जलभराव के कारण बाजार तक नहीं पहुंच सके, जिससे कारोबार पूरी तरह प्रभावित हुआ।
कस्बावासियों ने बताया कि यदि समय रहते नालियों की सफाई और जलनिकासी की स्थायी व्यवस्था कराई गई होती तो बारिश के दौरान हालात इतने गंभीर नहीं होते। लोगों ने प्रशासन से तत्काल जलनिकासी की व्यवस्था कराने, चोक नालियों की सफाई कराने तथा जलभराव वाले स्थानों को चिन्हित कर स्थायी समाधान कराने की मांग की है।
लगातार बारिश के कारण ऊसराहार में आम जनजीवन के साथ व्यापारिक गतिविधियां भी प्रभावित हुई हैं। अब कस्बावासियों की निगाह प्रशासन की कार्रवाई पर टिकी है कि जलभराव से राहत दिलाने के लिए तत्काल क्या कदम उठाए जाते हैं।
