नगर पालिका परिषद इटावा द्वारा हाल ही में जारी किए गए निर्माण कार्यों के टेंडरों को लेकर वरिष्ठ भाजपा नेता एवं नगर पालिका परिषद के नेता प्रतिपक्ष शरद बाजपेयी ने गंभीर सवाल उठाए हैं। उन्होंने अधिशासी अधिकारी (ईओ) संतोष कुमार मिश्रा को पत्र देकर निर्माण कार्यों की निर्धारित लागत (एमवी) की स्वतंत्र जांच कराने की मांग की है।
शरद बाजपेयी का आरोप है कि नगर पालिका द्वारा विभिन्न निर्माण कार्यों के लिए निर्धारित की गई एमवी वास्तविक लागत से काफी अधिक है, जिससे जनता के धन की अनावश्यक बर्बादी और भ्रष्टाचार की आशंका पैदा हो रही है। उन्होंने दावा किया कि जिन सड़कों का निर्माण लगभग पौने दो लाख रुपये में हो सकता है, उनकी एमवी करीब तीन लाख रुपये निर्धारित की गई है। उनका कहना है कि इसी प्रकार अन्य निर्माण कार्यों में भी लागत को बढ़ा-चढ़ाकर दर्शाया गया है।
उन्होंने कहा कि यदि जनता की उपस्थिति में अवसर दिया जाए तो वह निर्धारित एमवी की लगभग 70 प्रतिशत लागत में ही गुणवत्तापूर्ण निर्माण कार्य कराकर दिखा सकते हैं। उन्होंने आश्चर्य जताते हुए कहा कि इतनी अधिक लागत के बावजूद किसी भी कार्य में प्रतिस्पर्धात्मक दरों पर बोली नहीं लगी है।
भाजपा नेता ने मांग की कि एई और जेई स्तर के अधिकारियों की एक स्वतंत्र टीम गठित कर सभी निर्माण कार्यों की एमवी की निष्पक्ष जांच कराई जाए और यदि कहीं लागत अधिक निर्धारित की गई हो तो उसे संशोधित किया जाए। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि कुछ ऐसे कार्यों को भी नए टेंडरों में शामिल किया गया है, जो दो से ढाई वर्ष पूर्व पूरे हो चुके हैं। इस संबंध में उन्होंने जांच कराए जाने और तथ्य सामने आने पर संबंधित अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
शरद बाजपेयी ने कहा कि उनके क्षेत्र की कई खराब सड़कें और फुटपाथ निर्माण के प्रस्ताव जून 2023 में बोर्ड की पहली बैठक में स्वीकृत हो चुके हैं, लेकिन उन्हें वर्तमान टेंडरों में शामिल नहीं किया गया। उन्होंने इन कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर शामिल करने की मांग की।
उन्होंने कहा कि जनता के पैसे की लूट किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उनका आरोप है कि पत्र देने के बावजूद 18 से 20 दिन बीत जाने के बाद भी नगर पालिका प्रशासन की ओर से कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है।
शरद बाजपेयी ने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर शीघ्र कार्रवाई नहीं हुई और उनके सवालों का जवाब नहीं दिया गया तो वह 15 अगस्त से पहले नगर पालिका परिसर में धरना-प्रदर्शन और अनिश्चितकालीन अनशन शुरू करेंगे। उन्होंने कहा कि आवश्यकता पड़ने पर यह अनशन आमरण अनशन में भी परिवर्तित किया जाएगा। धरना और अनशन की तिथि की घोषणा जल्द ही मीडिया के माध्यम से की जाएगी।
