कलेक्ट्रेट सभागार में जिलाधिकारी शुभ्रान्त कुमार शुक्ल एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक ब्रजेश कुमार श्रीवास्तव की संयुक्त अध्यक्षता में अभियोजन कार्यों की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में महिलाओं के विरुद्ध होने वाले लैंगिक अपराधों, पॉक्सो एक्ट तथा अन्य आपराधिक मामलों की प्रगति और निस्तारण की विस्तृत समीक्षा की गई।

जिलाधिकारी ने कहा कि जनपद में कानून व्यवस्था को मजबूत बनाए रखने और लंबित प्रकरणों का गुणवत्तापूर्ण निस्तारण सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने अपराधियों को समाज के लिए नासूर बताते हुए कहा कि अपराधियों के प्रति किसी प्रकार की नरमी नहीं बरती जानी चाहिए तथा उन्हें उनके अपराधों के अनुरूप सजा दिलाकर जेल भेजना आवश्यक है। साथ ही उन्होंने यह भी निर्देश दिए कि किसी भी निर्दोष व्यक्ति को अनावश्यक परेशानी न होने पाए।
बैठक में महिला अपराधों एवं पॉक्सो एक्ट से जुड़े मामलों में प्रभावी कार्रवाई और मजबूत पैरवी सुनिश्चित करने पर विशेष जोर दिया गया। जिलाधिकारी ने पुलिस एवं अभियोजन अधिकारियों को निर्देशित किया कि न्यायालयों में मुकदमों की प्रभावी पैरवी कर अपराधियों को सजा दिलाने के लिए समन्वित प्रयास किए जाएं। उन्होंने कहा कि कानून का भय कायम रखने और अपराधियों को जेल पहुंचाने के लिए पुलिस और अभियोजन विभाग को एकजुट होकर कार्य करना होगा।
उन्होंने गुण्डा एक्ट के तहत त्वरित कार्रवाई करने तथा लगातार अपराध करने वाले व्यक्तियों के विरुद्ध कठोर दंडात्मक कदम उठाने के निर्देश दिए। साथ ही पुलिस को छोटी से छोटी घटना को भी गंभीरता से लेते हुए तत्काल प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा, ताकि भविष्य में किसी बड़ी घटना की आशंका न बने।
जिलाधिकारी ने गैंगस्टर एक्ट, महिला एवं बाल अपराधों से जुड़े मामलों का निर्धारित समय सीमा के भीतर निस्तारण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने लंबित मामलों के शीघ्र निस्तारण के लिए कार्ययोजना तैयार करने तथा ऑपरेशन कनविक्शन के तहत बड़े अपराधियों को सजा दिलाने पर विशेष बल दिया।
उन्होंने कहा कि चिन्हित बड़े अपराधियों को सजा दिलाना प्रशासन और अभियोजन विभाग की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है। न्यायपालिका के सकारात्मक सहयोग का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि अपराध करने वालों को सजा अवश्य मिलेगी, जिससे समाज में कानून के प्रति विश्वास और अपराधियों में भय का वातावरण बनेगा।
महिला एवं बच्चों से संबंधित अपराधों के मामलों में सरकार की संवेदनशीलता का उल्लेख करते हुए जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि ऐसे मामलों में त्वरित कार्रवाई और मजबूत पैरवी सुनिश्चित की जाए, ताकि पीड़ितों को शीघ्र न्याय मिल सके।
बैठक में एसपी सिटी अभयनाथ त्रिपाठी, अपर जिलाधिकारी बिपिन कुमार, फौजदारी, पॉक्सो एक्ट, राजस्व, दीवानी एवं गैंगस्टर एक्ट से संबंधित सहायक जिला शासकीय अधिवक्ताओं सहित अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।
