रिश्वतखोरी के आरोप में गिरफ्तार किए गए डिप्टी सीएमओ डॉ. श्रीनिवास यादव से जुड़े मामले में विजिलेंस विभाग ने जांच की रफ्तार तेज कर दी है। मंगलवार को कानपुर से पहुंची चार सदस्यीय विजिलेंस टीम ने मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) कार्यालय में पहुंचकर मामले से संबंधित दस्तावेजों की जांच की और कई अधिकारियों एवं कर्मचारियों से पूछताछ की। टीम की कार्रवाई से स्वास्थ्य विभाग में दिनभर हलचल बनी रही।
गौरतलब है कि 10 जून को विजिलेंस टीम ने डिप्टी सीएमओ डॉ. श्रीनिवास यादव को 55 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार किया था। इसके बाद से विजिलेंस मामले की गहन जांच कर रही है और यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि इस प्रकरण में अन्य किसी व्यक्ति की भी भूमिका रही है या नहीं।
सूत्रों के अनुसार जांच के दौरान सीएमओ कार्यालय के एक कर्मचारी का नाम भी सामने आया है। बताया जा रहा है कि विजिलेंस टीम के पहुंचने से पहले ही संबंधित कर्मचारी कार्यालय से अनुपस्थित हो गया था। हालांकि इस संबंध में विभागीय स्तर पर कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है। जानकारी यह भी सामने आई है कि विजिलेंस ने एक कर्मचारी को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है।
जांच के दौरान टीम ने सीएमओ कार्यालय में तैनात नोडल अधिकारी अमित दीक्षित से विस्तृत जानकारी ली। सूत्रों के मुताबिक उन्हें आगे की पूछताछ के लिए कानपुर बुलाया गया है। विजिलेंस अधिकारियों का कहना है कि मामले के प्रत्येक पहलू की गंभीरता से जांच की जा रही है तथा आवश्यकता पड़ने पर अन्य अधिकारियों और कर्मचारियों से भी पूछताछ की जाएगी।
प्रभारी सीएमओ डॉ. सुशील यादव ने बताया कि विजिलेंस टीम जांच के सिलसिले में कार्यालय आई थी। टीम ने संबंधित लोगों से बातचीत की, घटनास्थल का निरीक्षण किया, नक्शा तैयार किया और आवश्यक जानकारी जुटाने के बाद वापस लौट गई।
विजिलेंस की इस कार्रवाई के बाद स्वास्थ्य विभाग में चर्चाओं का दौर तेज हो गया है। विभागीय कर्मचारी और अधिकारी मामले की आगे की जांच और संभावित कार्रवाई पर नजर बनाए हुए हैं। अधिकारियों का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद ही पूरे मामले की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
