केंद्र सरकार के सेवा, सुशासन एवं गरीब कल्याण के 12 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में गुरुवार को प्रेरणा सभागार, विकास भवन इटावा में कृषि विभाग द्वारा प्राकृतिक खेती कार्यशाला एवं त्वरित मक्का विकास कार्यक्रम योजनान्तर्गत जनपद स्तरीय गोष्ठी का आयोजन किया गया।

कार्यक्रम में किसानों को प्राकृतिक खेती के महत्व, उसके लाभों एवं पर्यावरण संरक्षण में उसकी भूमिका के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई। साथ ही त्वरित मक्का विकास कार्यक्रम के तहत किसानों को आधुनिक तकनीकों, उन्नत बीजों एवं उत्पादन बढ़ाने के उपायों से अवगत कराया गया।
गोष्ठी में कृषि विशेषज्ञों ने किसानों को टिकाऊ एवं आधुनिक कृषि पद्धतियों के बारे में तकनीकी जानकारी प्रदान की तथा खेती में लागत कम करने और उत्पादन बढ़ाने के सुझाव दिए। किसानों ने भी अपनी समस्याओं और अनुभवों को अधिकारियों एवं विशेषज्ञों के साथ साझा किया, जिनका समाधान करने का प्रयास किया गया।
इस अवसर पर अधिकारियों ने कहा कि प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देकर न केवल किसानों की आय में वृद्धि की जा सकती है, बल्कि भूमि की उर्वरता और पर्यावरण संरक्षण को भी सुनिश्चित किया जा सकता है। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में किसान, कृषि विभाग के अधिकारी एवं कृषि विशेषज्ञ उपस्थित रहे।
