इटावा, 13 मई 2026। जिलाधिकारी शुभ्रान्त कुमार शुक्ल की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट सभागार में जनकल्याणकारी योजनाओं एवं बाल संरक्षण संबंधी योजनाओं की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में विभिन्न विभागों के अधिकारियों ने प्रतिभाग कर योजनाओं की प्रगति से अवगत कराया।
बैठक में मिशन वात्सल्य योजना की समीक्षा करते हुए बताया गया कि राजकीय विशेष दत्तक ग्रहण अभिकरण में वर्तमान में तीन बच्चे आवासित हैं। जिलाधिकारी ने बाल विवाह रोकथाम पर विशेष जोर देते हुए कहा कि जनपद में अब तक 12 बाल विवाह रोके गए हैं तथा संबंधित अभिभावकों के विरुद्ध आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। उन्होंने निर्देश दिए कि चाइल्ड हेल्पलाइन नंबर सभी प्राथमिक विद्यालयों में लिखवाया जाए ताकि बच्चों एवं अभिभावकों में जागरूकता बढ़ सके। उन्होंने कहा कि विद्यालय जागरूकता का सबसे प्रभावी माध्यम हैं।
राजकीय सम्प्रेक्षण गृह किशोर यूनिट-1 की समीक्षा के दौरान जिलाधिकारी ने बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के निर्देश दिए और कहा कि कोई भी बच्चा परिसर से बाहर न जा सके। मिसिंग चाइल्ड मामलों में दो बच्चों की बरामदगी एवं छह मामले लंबित होने की जानकारी दी गई, जिस पर उन्होंने संबंधित थानों को प्रभावी कार्रवाई के निर्देश दिए।
पति की मृत्यु उपरांत निराश्रित महिला पेंशन योजना की समीक्षा में बताया गया कि गत वर्ष 2638 लाभार्थी थे, जबकि वर्ष 2026-27 में अब तक 125 महिलाओं को लाभ मिला है। जिलाधिकारी ने पात्र महिलाओं की संख्या बढ़ाने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना के अंतर्गत वर्ष 2025-26 में 2971 लाभार्थियों को लाभान्वित किया गया। उन्होंने आंगनबाड़ी कार्यकर्त्रियों की सहायता से अधिक से अधिक पात्र बालिकाओं को योजना से जोड़ने पर बल दिया।
बैठक में “बाल सेवा योजना” की भी समीक्षा की गई। अधिकारियों ने बताया कि योजना के तहत निराश्रित, अनाथ एवं जरूरतमंद बच्चों को प्रतिमाह 2500 रुपये की आर्थिक सहायता, शिक्षा, स्वास्थ्य एवं सुरक्षा संबंधी सुविधाएं प्रदान की जाती हैं। योजना के अंतर्गत परिवार की वार्षिक आय तीन लाख रुपये से अधिक नहीं होनी चाहिए तथा एक परिवार के अधिकतम दो बच्चों को इसका लाभ मिल सकता है। वर्ष 2026-27 में कोविड श्रेणी के 78 तथा सामान्य श्रेणी के 1750 लाभार्थियों को सहायता प्रदान की गई। जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि सत्यापन प्रक्रिया को मजबूत बनाया जाए और किसी भी अपात्र व्यक्ति को लाभ न मिले।
राष्ट्रीय वृद्धा पेंशन योजना के अंतर्गत वर्ष 2026-27 में 83,372 लाभार्थियों को लाभान्वित किया गया। अनुसूचित जाति एवं जनजाति अत्याचार उत्पीड़न के वर्ष 2025-26 के 82 लंबित मामलों की समीक्षा करते हुए जिलाधिकारी ने संबंधित प्रकरणों को पुनः अपलोड कर शीघ्र निस्तारण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के अंतर्गत वर्ष 2026-27 में 682 लाभार्थियों का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। जिलाधिकारी ने योजना के अंतर्गत सामग्री की खरीद जेम पोर्टल से करने तथा कार्यक्रम को बेहतर ढंग से संचालित करने पर बल दिया।
दिव्यांगजन सशक्तिकरण विभाग की समीक्षा में बताया गया कि वर्ष 2026-27 में विवाह प्रोत्साहन योजना में 10 लक्ष्य के सापेक्ष एक लाभार्थी तथा दुकान निर्माण योजना में 10 लक्ष्य के सापेक्ष दो लाभार्थियों को लाभ मिला है। वहीं ओ-लेवल एवं सीसीसी कंप्यूटर प्रशिक्षण योजना के अंतर्गत प्रथम चरण में 281 लक्ष्य के सापेक्ष 219 तथा दूसरे चरण में 52 लक्ष्य के सापेक्ष 52 लाभार्थियों को प्रशिक्षण प्रदान किया गया। जिलाधिकारी ने कहा कि सरकार इन योजनाओं पर व्यापक धनराशि खर्च कर रही है, इसलिए प्रशिक्षण केंद्रों का सुचारु संचालन सुनिश्चित किया जाए।

जिलाधिकारी ने विशेष रूप से मुस्लिम बालिकाओं की शिक्षा पर ध्यान देने की आवश्यकता बताते हुए कहा कि उनकी शैक्षिक स्थिति चिंताजनक है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि मुस्लिम बालिकाओं को शिक्षा एवं कौशल विकास योजनाओं से अधिक से अधिक जोड़ा जाए ताकि समाज के अंतिम व्यक्ति तक योजनाओं का लाभ पहुंच सके।
बैठक में जिला प्रोबेशन अधिकारी विनय कुमार, मुख्य चिकित्सा अधीक्षक महिला डॉ. अनिल कुमार, सीओ सिटी अभय नारायण राय, जिला कार्यक्रम अधिकारी लक्ष्मीकांत त्रिपाठी, पिछड़ा वर्ग कल्याण अधिकारी प्रदीप तिवारी सहित संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।
